मुरादाबाद। बरसात के दिनों में किसरौल, दीवान का बाजार, रेती, दौलत बाग और नागफनी जैसे मोहल्लों के लोग हर साल घंटों गंदे पानी में घिरे रहते हैं। इस समस्या की जड़ अंग्रेजों के जमाने में बना झब्बू का नाला है जिसका अब नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। नाले से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इससे 40 हजार की आबादी को जलभराव से मुक्ति मिलेगी।
नगर निगम ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में कदम बढ़ाते हुए झब्बू के नाले का नए सिरे से निर्माण कराने की योजना तैयार की है। निगम ने इसके लिए 2.88 करोड़ रुपये का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का कहना है कि प्रस्ताव मंजूर होते ही टेंडर प्रक्रिया पूरी कर नाले का नए सिरे से निर्माण कराया जाएगा। नया नाला पूरी तरह से आरसीसी बनाया जाएगा। अनुमान है कि निर्माण के बाद करीब 40 हजार की आबादी को जलभराव, बदबू और गंदगी से बड़ी राहत मिलेगी।
- अतिक्रमण बड़ी चुनौती
निगम के अधिकारियों का कहना है कि झब्बू के नाले का नए सिरे से निर्माण कराया जाना जरूरी है। लेकिन इसमें सबसे बड़ी चुनौती नाले पर हुए अतिक्रमण की है। नाले पर कई जगह पक्का अतिक्रमण है जिसे निगम ने पहले ही चिन्हांकित कर रखा है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद नाले से पूरी तरह से अतिक्रमण हटाया जाएगा। इसके लिए स्थानीय पार्षदों से भी मदद ली जाएगी।
- कांग्रेस पार्षदों ने उठाई मांग
बृहस्पतिवार को निगम के नेता प्रतिपक्ष अनुभव मेहरोत्रा के नेतृत्व में कांग्रेस पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने नगर आयुक्त से मुलाकात की। उन्होंने भी झब्बू के नाले का मुद्दा उठाया जिसपर नगर आयुक्त ने उन्हें प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी दी। कांग्रेस पार्षदों ने वार्डों की कई और समस्याओं पर भी ध्यान दिलाया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पुराने शहर के प्रमुख चौराहों का भी सौंदर्यीकरण कराया जाना चाहिए। इसपर नगर आयुक्त की ओर से चौराहों की जानकारी मांगी गई है और आश्वासन दिया गया है कि जल्द ही पुराने शहर के प्रमुख चौराहों की भी साज-सज्जा कराई जाएगी।