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Moradabad News: जल जीवन मिशन से नहीं मिली राहत, रास्तों की खोदाई ने बढ़ाई आफत

Tue, 12 May 2026 02:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
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मुरादाबाद। जल जीवन मिशन की शुरुआत के साथ दिखाए गए सपने ग्रामीणों के लिए अपने नहीं हो सके। ज्यादातर गांवों में ओवरहेड टैंक का काम अधूरा है। अधूरे छोड़े कामों की सुध लेने वाला भी कोई नहीं है। ग्रामीणों को जहां गर्मी में साफ पानी के लिए जूझना पड़ता है, वहीं पाइप लाइन के लिए खोदे रास्ते भी उनकी बड़ी दुश्वारी हैं। आम ग्रामीण से लेकर प्रधान और पूर्व प्रधान तक इस बात से निराश हैं कि इन समस्याओं पर ध्यान देने की कोशिश भी किसी स्तर से नहीं की जा रही।
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बिना ओवरहेड टैंक हैंडपंप के पानी पर निर्भर जिंदगानी
ठाकुरद्वारा। ग्राम पंचायत अब्दुल्लापुर लेदा में तीन वर्ष पूर्व शुरू हुए जल जीवन मिशन के काम को मुकाम नहीं मिला। अब तक ओवरहेड टैंक न बनने से ग्रामीण हैंडपंप का पानी पीने को मजबूर हैं।

पंचायत भवन के पास टैंक के लिए जगह तय की गई थी। वहां बोरिंग है लेकिन ओवरहेड टैंक का अता-पता नहीं है। इसी गांव में रहने वाले नवास अली ने बताया कि लगभग सभी घरों में कनेक्शन हो गए हैं लेकिन किसी घर तक पानी नहीं पहुंचा। शुद्ध पानी की गारंटी न होते हुए भी हैंडपंपों का पानी पीने को मजबूर हैं। रवि कुमार का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बोरिंग किया तो टैंक नहीं बनाया। घरों में साफ पानी कैसे पहुंचे। उन्होंने कहा कि एक वर्ष पहले कर्मचारी काम अधूरा छोड़ कर चले गए। ग्राम प्रधान आसमीन और उनके पति वाजिद अली ने बताया कि अधूरे कामों के बाबत अधिकारियों को भी अवगत कराया लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इससे करीब 12 हजार की आबादी परेशान है। पाइप के लिए खोदी सड़कों की मरम्मत नहीं की गई। कुछ टाइल्स वाली सड़कों को ग्रामीणों ने खुद ही ठीक करने का प्रयास किया है, बाकी का हाल खराब है। संवाद
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दो साल बाद भी नहीं सुधारे ग्रामीण रास्ते
बिलारी। ब्लॉक क्षेत्र के भिड़वारी गांव में पाइप लाइन के लिए उखाड़ी सड़कों को दो साल बाद भी ठीक नहीं किया गया। जल जीवन मिशन के तहत तय कामों के हिसाब से हर घर तक पानी अब भी नहीं पहुंचा।

ग्रामीणों ने कहा कि गांव की आबादी में कई डामर की सड़कें हैं। साथ ही कई सीसी टाइल्स से बने रास्ते हैं। पाइप लाइन बिछाने के दोनों तरह के रास्ते खोद डाले गए। पूर्व प्रधान जाकिर हुसैन का कहना है कि उखड़ी सड़कों से कई जगह सीसी टाइल्स गायब हो गईं। डामर वाली सड़कों का मलबा बिखरा पड़ा है। दो साल से गांव के अधिकतर रास्तों का हाल खराब है। पूर्व प्रधान चौधरी नवजीत सिंह ने कहा कि उखड़ी सड़कों की ओर जल निगम के ठेकेदार ने कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजे में ग्रामीण उखड़ी सड़कों पर चलने को मजबूर हैं। संवाद

ओवरहेड टैंक बना नहीं, रास्तों की सुविधा और जाती रही
कांठ। ब्लाॅक छजलैट के गांव मुंडाला में करीब दो साल पहले जल जीवन मिशन के अंतर्गत मंजूरी के बाद भी ओवरहेड टैंक की शुरुआत नहीं हो सकी है। हालात देखकर ग्रामीण अब घर-घर साफ पानी की उम्मीद छोड़ चुके हैं।

मिशन के तहत बोरिंग करके बाउंड्री बनवाई लेकिन इसके बाद काम आगे नहीं बढ़ सका। पाइप लाइन के लिए खोदे गए रास्तों को भी यूं ही छोड़ दिया। ये क्षतिग्रस्त रास्ते ग्रामीणों के लिए दुखदायी साबित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि एक साल से काम बंद है। ग्राम प्रधान धर्मवीर सिंह के बेटे सौरभ ने भी पाइप लाइन के लिए खोदे गए रास्ते बिना मरम्मत छोड़ देने पर आपत्ति की। इसी गांव में रहने वाले वीर सिंह, अभिषेक और विजेंद्र सिंह ने कहा कि ओवरहेड टैंक बना नहीं तो पानी कैसे मिले। उन्होंने कहा कि गांव भर के रास्तों को खोदकर छोड़ने से बच्चे और महिलाएं अक्सर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। संवाद

तीन साल बाद भी पूरी नहीं हुई साफ पानी की आस
कुंदरकी। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत मोहम्मदपुर बस्तौर में जल जीवन मिशन के तहत तीन साल पहले ओवरहेड टैंक, नलकूप और पाइप लाइन बिछाने का कार्य मंजूर हुआ था। इनमें से कई काम अधूरे हैं। नतीजे में गर्मी के बीच भी लोगों को साफ पानी के लिए जूझना पड़ रहा है।

ग्राम प्रधान जलालुद्दीन का कहना है कि क्षेत्र में सभी जगह पाइप लाइन बिछाने का कार्य पूरा नहीं हो सका। इस कारण जिन घरों में कनेक्शन दिए गए वह भी अनुपयोगी साबित हो रहे हैं। मिशन के तहत जरूरी सोलर सिस्टम भी नहीं लगाया गया। यही वजह है कि गांव में पेयजल आपूर्ति सुचारु नहीं हो पाई है। इसी गांव में रहने वाले हाजी जाहिद हुसैन ने पाइप के लिए खोदे गए रास्ते मरम्मत न करने पर नाराजगी जाहिर की। कहा कि इससे आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कहा कि तीन साल बीतने पर भी 11 हजार की आबादी की स्वच्छ पेयजल आपूर्ति की आस पूरी नहीं हुई। प्रधान का कहना है कि इस संबंध से आला अधिकारियों को भी अवगत करा दिया था। संवाद
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