आतंकी गतिविधियों के लिए कई बार चर्चा में रहा संभल इस बार कुछ ज्यादा ही चर्चा में है। क्योंकि अफगानिस्तान में दक्षिण एशिया का अलकायदा प्रमुख मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू मारा गया है। मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू का ताल्लुक संभल के दीपा सराय से रहा है। वह 21 वर्ष पहले 1998 में घर से ऐसा निकला कि कभी लौटकर नहीं आया।
आतंकी संगठन से जुड़ गया और दुनिया में आतंक के लिए जाना गया। अब अमेरिका और अफगानिस्तान के संयुक्त ऑपरेशन में मारा गया है। परिजनों को उसके मारे जाने का कोई अफसोस नहीं है। क्योंकि वह काफी समय पहले उसको भुला चुके थे। जब उसके आतंकवादी बनने की जानकारी हुई तो रिश्ता भी खत्म कर दिया था। इसी दौर में एक युवक और लापता हुआ था। जिसका नाम सईद अख्तर बताया जाता है।
खुफिया तंत्र को अंदेशा था कि वह भी किसी आतंकी संगठन में काम करता है। कई बार दिल्ली से खुफिया विभाग के अधिकारी उसकी पड़ताल करने के लिए संभल पहुंचे। लेकिन परिजनों ने हर बार कोई संपर्क नहीं होने की जानकारी दी। अब मौलाना आसिम उमर उर्फ शन्नू मारा गया है तो खुफिया विभाग को सईद अख्तर की याद आ गई है।
उसकी पड़ताल के लिए उसके परिजनों से संपर्क किया गया है। खुफिया विभाग से मिली जानकारी के अनुसार मालूम हुआ कि उन्होंने सईद अख्तर के बारे में जानकारी की है। लेकिन उसके परिजनों ने किसी भी जानकारी से इंकार किया है। परिजनों का कहना है कि उनको नहीं पता कि वह जिंदा है या मर गया। उसने कभी कोई संपर्क नहीं किया। इसलिए उसकी कोई जानकारी नहीं है।
दरअसल जिस समय शन्नू घर से लापता हुआ था। उसी दौर में सईद अख्तर भी लापता हुआ था। उस समय लोगों ने माना था कि यह दोनों साथ में ही कहीं निकल गए। लेकिन 2008 में शन्नू के घर तो खुफिया विभाग के अधिकारियों ने आकर बताया कि शन्नू अब मौलाना आसिम उमर बन गया है और पाकिस्तान में रहकर आतंकी गतिविधियों में लिप्त है।
लेकिन सईद अख्तर की ऐसी कोई जानकारी खुफिया विभाग को भी नहीं मिली। सईद अख्तर अब तक पहेली बना हुआ है। लेकिन समय समय पर उसकी पड़ताल की जाती रही है। इस बार भी की गई है। लेकिन नतीजा वही शून्य है।