मुरादाबाद। जिंदा पिता को मृत दिखाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने और संपत्ति बेचने के मामले में नगर निगम की जांच समिति ने जांच तेज कर दी है। समिति ने वर्ष 2017 में भेजी गई उन शिकायतों की प्रतियां मांगी हैं, जिनमें मो. सलीम ने खुद को जीवित बताते हुए बेटे जीशान सलीम पर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने का आरोप लगाया था।
जांच समिति ने रामपुर जिलाधिकारी कार्यालय, एसएसपी रामपुर और एसएसपी मुरादाबाद के कार्यालय से संबंधित अभिलेख उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। अधिकारियों का मानना है कि इन दस्तावेजों से यह साफ होगा कि उस समय शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई थी और किन परिस्थितियों में फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र जारी किया गया।
जानकारी के अनुसार मोहम्मद सलीम ने वर्ष 2017 में सऊदी अरब से भारतीय दूतावास के माध्यम से शिकायत भेजी थी। आरोप लगाया था कि बेटे ने उन्हें मृत दर्शाकर जमीन और मकानों की खरीद-फरोख्त कर दी। इसके बावजूद उस समय प्रशासनिक स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मामले ने नया मोड़ तब लिया, जब मो. सलीम की वास्तविक मृत्यु वर्ष 2023 में हुई। इसके बाद उनकी दूसरी पत्नी निखत ने अक्टूबर 2025 में जिलाधिकारी से शिकायत कर पूरे प्रकरण की जांच की मांग की। प्रारंभिक जांच में मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने की पुष्टि हो चुकी है। अब अपर नगर आयुक्त अजीत कुमार की अध्यक्षता में गठित समिति अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।