ठाकुरद्वारा। नगर के मुस्लिम इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य नईम अहमद के खिलाफ लगे आरोपों की मंगलवार को डीआईओएस की टीम ने जांच की। प्रधानाचार्य पर आरोप है कि उन्होंने प्रबंध समिति के सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर से प्रस्ताव बनाकर अपना अवशेष वेतन निकालने का प्रयास किया। इस संबंध में शिकायत कॉलेज की प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष हाजी रफीक अहमद सैफी ने की थी। उनकी शिकायत पर डीआईओएस ने राजकीय इंटर कॉलेज नंगलिया जट बिलारी के प्रधानाचार्य रघुपति देव को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। किसी कारण से दो बार जांच की तिथि स्थगित कर दी गई थी। मंगलवार को प्रधानाचार्य रघुपति देव अपनी टीम के साथ कॉलेज में पहुंचे। उन्होंने इस संबंध में करीब ढाई घंटे तक आरोपों की जांच की।
प्रबंध समिति के पांच सदस्यों ने अपने आरोप के समर्थन में उन्हें शपथ पत्र दिए। जबकि दो सदस्यों ने अपने बयान दर्ज कराए। आरोपी प्रधानाचार्य नईम अहमद ने भी अपना पक्ष जांच अधिकारी के समक्ष रखा। उन्होंने आरोपों को गलत बताया। रघुपति देव ने बताया कि अभी जांच पूरी नहीं हुई है। बृहस्पतिवार को उन्होंने दोनों पक्षों से अपने अपने दावे के संबंध में और प्रमाण उनके बिलारी कार्यालय आकार देने को कहा है।
जांच अधिकारी ने बताया कि प्रधानाचार्य नईम अहमद पर आरोप है कि उन्होंने अपने निलंबन काल सात वर्ष का अवशेष वेतन निकलने के लिए प्रबंध समिति के कुछ सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर कर प्रस्ताव बनाया। जांच के दौरान पूर्व प्रबंधक हाजी रफीक अहमद सैफी, पूर्व विधायक डॉ मोहम्मद उल्ला चौधरी, डॉक्टर ताहिर हुसैन, हाजी मुख्तार सैफी आदि मौजूद रहे।