इसे संयोग कहें या इत्तेफाक। 2011 में महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में विश्वकप विजेता बनी भारतीय क्रिकेट टीम में मुरादाबाद के पीयूष चावला शामिल थे। अब रोहित शर्मा की कप्तानी में फाइनल में पहुंची टीम इंडिया में मुरादाबाद मंडल के सितारे मोहम्मद शमी हैं।
दोनों ही खिलाड़ियों ने मुरादाबाद के सोनकपुर स्टेडियम की पिच पर गेंदबाजी की बारीकियां सीखी थी। शहर के दीनदयाल नगर कॉलोनी निवासी फिरकी गेंदबाज पीयूष चावला तीन टेस्ट और 25 वनडे खेल चुके हैं। उन्होंने मुरादाबाद के सोनकपुर स्टेडियम के मैदान से ही क्रिकेट की एबीसीडी सीखीं थीं।
मैच दर मैच उनका खेल निखरता चला गया। पीयूष ने भारतीय टीम में जगह बना ली। 2011 विश्वकप के लिए चुनी गई भारतीय टीम में भी पीयूष चावला शामिल रहे। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारत दूसरी बार विश्व विजेता बनी थी।
अब में भारतीय क्रिकेट टीम विश्वकप विजेता बनने से सिर्फ एक कदम दूर है। इस बार सोनकपुर स्टेडियम के मैदान से अपनी पेस के दम पर विरोधी टीम के खिलाड़ियों के विकेट उखाड़ने वाले मोहम्मद शमी भारतीय टीम का हिस्सा है।
अंडर-19 विश्वकप विजेता टीम में शामिल में भी शामिल थे मुरादाबाद के शिवा और आर्यन
2018 में अंडर-19 विश्वकप में भारतीय टीम चैंपियन बनी थी। पृथ्वी शॉ की अगुवाई में टीम इंडिया आस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर विश्व विजेता बनी थी। इस टीम में मुरादाबाद के शिवा सिंह और आर्यन जुयाल भी शामिल थे। शिवा सिंह ने सेमीफाइनल मैच में पाकिस्तान के दो विकेट लिए थे।
जिसमें भारतीय टीम ने पाकिस्तान को 203 रन से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। फाइनल में भी शिवा ने ऑस्ट्रेलिया के दो विकट चटकाए थे। शिवा सिंह और आर्यन जुयाल ने भी सोनकपुर स्टेडियम से ही क्रिकेट खेलना शुरू किया था।
2018 में विजेता बनी भारतीय टीम के कोच राहुल द्रविड़ थे। आज भारतीय टीम फिर से फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से खेलेगी और कोच फिर से राहुल द्रविड़ हैं।