मुरादाबाद के पाकबड़ा थाना इलाके के भाड़ला गांव निवासी 60 वर्षीय रमेश ने शुक्रवार की रात बेटी को फोन करके कहा मैं परिवार से परेशान हूं। तालाब में डूब कर आत्महत्या करने जा रहा हूं। इसकी जानकारी मिलने पर पुलिस तालाब किनारे पहुंची तो रमेश के कपड़े और मोबाइल मिल गया लेकिन पूरा दिन तलाश करने के बाद उसका सुराग नहीं लगा।
पीएसी और गांव के गोताखोर उसकी तलाश करते रहे है लेकिन नहीं मिला है। पाकबड़ा थाना क्षेत्र के भाड़ला गांव निवासी रमेश मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। पत्नी विमला की मौत हो चुकी है। परिवार में तीन लड़के और चार लड़कियां हैं।
बेटे हेमराज ने बताया की शुक्रवार की रात करीब साढ़े आठ बजे के आस पास पिता ने मेरी बहन सीमा को फोन कर कहा कि वह गांव के वह तालाब में डूबकर मरने जा रहे हैं। ये सुन सीमा के होश उड़ गए। उसने अपने भाइयों को इसकी जानकारी दी। बेटों ने पिता से फोन पर बात की। तब रमेश ने एक ही बात कही।
मैं मरने जा रहा हूं। बच्चों ने अपने पिता को काफी समझाने का प्रयास किया लेकिन रमेश ने किसी की बात नहीं मानी। इसके बाद फोन काट दिया। रात भर बच्चों ने काफी तलाश की, लेकिन सफलता नही मिली। शनिवार की सुबह पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी राजीव कुमार शर्मा फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए।