मंदी की मार से जूझ रहे निर्यातकों को एक और तगड़ा झटका लगा है। एसईजेड में फैक्ट्री चलाने वाले निर्यातकों को यूपीएसआईडीसी ने एक ही बार में डेवलपमेंट चार्ज पांच गुना बढ़ा दिया है। निर्यातकों को तीस जून तक सभी शुल्क जमा करने के लिए नोटिस भेज दिए गए हैं। नोटिस में लाखों का बिल देखकर निर्यातकों के होश उड़े हुए हैं।
स्पेशल इकानामिक जोन को मुरादाबाद में बसाए हुए करीब करीब 18 साल का समय होने जा रहा है। इसमें प्लाट लेकर फैक्ट्री लगाने वालों को वर्ष 2001 से लीज में प्रस्तावित चार्ज देने पड़ रहे हैं। एसईजेड में डेवलपमेंट का कार्य यूपीएसआईडीसी करती है। डेवलपमेंट चार्ज निर्धारित करने और वसूलने की जिम्मेदारी भी उनकी है। यूपीएसआईडीसी में डेवलेपमेंट चार्ज बढ़ाने की उद्यमियों के साथ एग्रीमेंट साइन हुआ था।
इस एग्रीमेंट के अनुसार वर्ष 2016 में डेवलपमेंट चार्ज होल सेल प्राइज पर निर्धारित किए जाने थे। एसईजेड का फाइनेंसियल ईयर एक जुलाई से तीस जून तक रहता है। अब निर्यातकों को यूपीएसआईडीसी ने चार्ज जमा कराने को नोटिस भेजे जा रहे हैं।
चार्ज एक साथ पांच गुना बढ़ाए जाने से निर्यातकों में नाराजगी है। शुल्क जमा कराने के लिए भी उनके पास केवल एक ही दिन का समय है। उसके बाद पेनाल्टी भी लगाई जाएगी। इस मुद्दे को लेकर निर्यातक यूपीएसआईडीसी के एमडी से मिलेंगे। अगर वहां से समाधान नहीं होता तो आगे कार्रवाई की रणनीति बनाई जाएगी।
किस प्रकार से बढ़ा चार्ज
2001 से 2002 दो रुपये प्रति स्क्वायर मीटर
2002 से 2006 चार रुपये प्रति स्क्वायर मीटर
2007 से 2011 छह रुपये प्रति स्क्वायर मीटर
2012 से 2016 आठ रुपये प्रति स्क्वायर मीटर