फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पटाखों के शोर में दमा रोगी संभालकर रखें अपनी सांसों की डोर

विज्ञापन
विज्ञापन
मुरादाबाद। धनवर्षा के बाद आज यानी सोमवार को आतिशबाजी की धूम रहेगी। लेकिन इस धूम में अपनी सेहत को लेकर अधिक सचेत रहना होगा। पटाखों का जहरीला धुआं सेहत बिगाड़ सकता है।
विज्ञापन

ऐसे मरीजों को धुएं के साथ-साथ ठंड से भी बचना होगा। दमा रोगियों के साथ सीओपीडी और सांस के मरीजों को धुएं से बचकर रहना होगा। डाक्टरों के मुताबिक कोविड के करीब 25 फीसदी मरीजों को निमोनिया की शिकायत हुई थी। ऐसे मरीजों के फेफड़ों में सूजन बनी रहती है। वहीं बहुत कम लोगों को पता होगा कि पटाखे फोड़ने के साथ सिर्फ आवाज नहीं बल्कि कई सारे केमिकल भी निकलते हैं। आतिशबाजी से उठने वाला धुआं भी आंखों और सांस की बीमारियों को भी बढ़ावा देता है। ऐसे में अपनी खुशी में दूसरों की सेहत को न भूल जाएं।
विज्ञापन

कौन से निकलते हैं केमिकल और उनसे क्या खतरे
केमिकल स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव
कॉपर सांस लेने में दिक्कत
केडियम एनिमया और किडनी फेल
लेड नर्वस सिस्टम पर असर
मैग्नीशियम धूल से बुखार होने का खतरा
सोडियम स्किन को नुकसान पहुंचता है
जिंक उल्टी की दिक्कत बढ़ाता है
नाइट्रेट मानसिक बीमारियों का बढ़ावा
नाइट्रिट कोमा की संभावना
आतिशबाजी के दौरान उठाए ये कदम
- खुले स्थान पर पटाखे फोड़ें
- ऊपर जाने वाले पटाखों को सावधानी से छोड़ें
- अभिभावक या किसी बड़े व्यक्ति की मौजूदगी में बच्चे पटाखे छोड़ें
- आतिशबाजी के दौरान काटन के कपड़े पहने
- जब कोई पटाखा न चले तो उसके पास जाने से पहले उसमें पानी डाल दें
- बिना जले पटाखे का बारूद न जलाएं, इससे आग जल्दी पकड़ती है
- नवजात बच्चों को कमरे के अंदर ही रखें
- आतिशबाजी के दौरान पानी की दो बाल्टियां रखें
- पालतू जानवर को ऐसी जगह पर रखें, जहां धमाकों की आवाज न सुनाई पड़े
क्या न करें
- कभी भी डुप्लीकेट या स्ट्रीट वेंडर से पटाखे न खरीदें
- जब भी पटाखे फोड़ रहे हाें तो उस दौरान आसपास ज्वलनशील सामान न हो
- भीड़भाड़ वाली जगह पर पटाखे न फोड़ें
- ऊपर जाने वाले पटाखों को जमीन पर न छुड़ाए
- आतिशबाजी के दौरान ढीले-ढाले कपड़े डालने से बचें
- फेंक कर छुटाने वाले बमों को न फोड़े
- सड़क पर तो बिल्कुल पटाखा न फोड़े
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें