मुरादाबाद। ग्राम पंचायत रत्तूपुरा में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-दो के अंतर्गत ठोस व अपशिष्ट प्रबंधन कार्य के नाम पर 41.40 लाख रुपये खाते से निकाले जाने के मामले में ठाकुरद्वारा के प्रभारी एडीओ की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। मुख्य विकास अधिकारी ने उसके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश कर दिए हैं। आरोप है कि गबन के इस मामले में डीपीआरओ ने उसे आरोपी प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ रिपोर्ट लिखाने के निर्देश दिए थे, लेकिन जिला मुख्यालय से इसके लिए तहरीर बनवा कर ले जाने के बाद भी वह रिपोर्ट दर्ज कराने में आनाकानी करता रहा था।
ग्राम पंचायत रत्तूपुरा में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित निर्माण कार्य एवं अन्य गतिविधियां कराये जाने के लिए शासन से ग्राम पंचायत के खाते में 50,94,901 रुपये भेजे गए थे। पीएफएमएस रिपोर्ट के मुताबिक जिसमें से 20 अक्तूबर 2022 को 41,40,505 रुपये का भुगतान निकाल लिया गया था।
जानकारी होने पर डीपीआरओ आलोक प्रियदर्शी ने गांव पहुंच कर स्थलीय निरीक्षण किया तो मौके पर अधिकांश कार्य नहीं पाये गए। कुछ कार्य आधे अधूरे पाये गए। निरीक्षण के दौरान बिना कार्य पूर्ण किए भुगतान करने का भी मामला सामने आया। जिसे गबन मानते हुए जिस फर्म को भुगतान किया गया था उसका खाता फ्रीज करा दिया था। पूरे मामले की जांच के लिए डीडीओ की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय कमेटी भी गठित कर दी है। सीडीओ सुमित यादव ने बताया कि यह कमेटी दिवाली के बाद मामले की जांच शुरू करेगी। सीडीओ ने बताया कि इस मामले में डीपीआरओ कार्यालय से रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए ठाकुरद्वारा के प्रभारी एडीओ जसपाल सिंह को जिम्मेदारी और अभिलेख उपलब्ध कराए गए थे। वह इस काम के लिए गया भी था, लेकिन काफी देर तक वह रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा ही नहीं। जिसके बाद डीपीआरओ ने अपने कार्यालय के लेखाकार नरेश को ठाकुरद्वारा थाने भेज कर रिपोर्ट दर्ज कराई। इससे प्रभारी एडीओ पंचायत की भूमिका संदिग्ध पाये जाने पर उसकी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं। जबकि आरोपी ग्राम विकास अधिकारी जयलाल शर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। जांच में दोषी मिलने पर प्रधान और सचिव से रिकवरी भी की जाएगी।
निदेशालय ने पकड़ा मामला तब हुई कार्रवाई
ग्राम पंचायत रत्तूपुरा में 20 अक्तूबर 2022 को जैसे ही 41,40,505 रुपये का भुगतान निकाला इसकी जानकारी निदेशक पंचायतीराज कार्यालय को हो गई। एक दिन में एक साथ बड़ी रकम निकाले जाने से मामला सुर्खियों में आ गया। जिसके बाद निदेशक पंचायतीराज ने प्रशासन को तत्काल इसकी जांच करा कार्रवाई के आदेश दिए थे। मंडलायुक्त के पास भी इस आशय की शिकायत पहुंच गई थी। जिसके चलते वह स्वयं इसकी मॉनीटरिंग कर रहे थे। यही वजह रही कि आनन-फानन ग्राम पंचायत प्रधान और पंचायत सचिव के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन की धारा में रिपोर्ट दर्ज हो गई।
आरोपियों पर होगी सख्त कार्रवाई: कमिश्नर
मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने कहा कि ग्राम रत्तूपुरा के मामले में आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके निर्देश जारी कर दिए गए हैं। किसी भी दोषी को बख्सा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले के विकास कार्यों पर नजर रखने के लिए मंडल मुख्यालय पर नियुक्त अधिकारियों की कमेटी को मंडल की ऐसी सभी ग्राम पंचायतों की पड़ताल करने और कराने के निर्देश दिए गए हैं जहां एकाएक अधिक धनराशि निकली है।