जयाप्रदा पर अभद्र टिप्पणी के मामले में रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष की जमानत मंजूर
6 मार्च को एमपी/एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में किया था आत्मसमर्पण
मुरादाबाद। पूर्व सांसद और अभिनेत्री जयाप्रदा पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां की जमानत की अर्जी जनपद न्यायाधीश की अदालत ने स्वीकार कर ली है। अजहर खां ने 16 मार्च को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था।
30 जून 2019 को कटघर थानाक्षेत्र के मुस्लिम डिग्री कॉलेज में मोहम्मद आरिफ ने एक सम्मान समारोह आयोजन किया था। कार्यक्रम में सपा नेता आजम खां, मुरादाबाद के सांसद डॉ. एसटी हसन, विधायक अब्दुल्ला आजम, रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां और संभल के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष फिरोज खान ने भाग लिया था। आरोप है कि कार्यक्रम के दौरान इन्होंने जयाप्रदा के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इसको लेकर मुस्तफा हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मुकदमे की सुनवाई एमपी/एमएलए स्पेशल मजिस्ट्रेट कोर्ट में चल रही है। सुनवाई के दौरान लगातार गैरहाजिर रहने पर कोर्ट ने अजहर अहमद खां के खिलाफ कुर्की आदेश जारी कर दिया था। 16 मार्च 2022 को अजहर खां ने एमपी- एमएलए स्पेशल कोर्ट स्मिता गोस्वामी की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था, जहां से 21 अप्रैल 2022 को उनकी जमानत खारिज हो गई थी। इसके बाद अजहर खां ओर से जनपद न्यायाधीश डॉ. अजय कुमार की अदालत में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। शुक्रवार को दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद कोर्ट अजहर खां की जमानत मंजूर कर ली है।