कांठ के गांव भागीजोत में एक वृद्ध को उसी के इकलौते बेटे ने लाठी से पीट - पीटकर बेरहमी से मार डाला। वृद्ध का कसूर बस इतना था कि उन्होंने बेटे को शराब पीने से रोका था। लेकिन बाप की नसीहत से बौखलाए युवक ने पहले लाठी से बाप पर हमला किया फिर बीच में आई अपनी पत्नी और मां को भी नहीं बख्शा। बुढ़ापे में बेटे की बेरहम मार के शिकार वृद्ध ने कुछ देर तड़पने के बाद दम तोड़ दिया जबकि युवक की मां और पत्नी अस्पताल में मौत से जूझ रहे हैं।
वारदात के बाद से युवक फरार है और बाकी परिजन उसकी करतूत पर पर्दा डालने में जुटे हैं। लेकिन एसएसपी ने साफ कर दिया है कि परिजन तहरीर नहीं देंगे तो पुलिस खुद वादी बनेगी। रिश्तों के खून की यह शर्मनाक वारदात भागीजोत गांव में सोमवार को देर शाम की है। सत्तर वर्षीय कांशीराम के इकलौते बेटे रवि यादव को शराब पीने की लत है। शराब पीने के लिए वह एक - एक करके घर के कई सामान बेच चुका है।
सोमवार शाम वह घर में लगी जानवरों का चारा काटने वाली कुट्टी मशीन बेचने जा रहा था। उसे शराब पीने के लिए रुपयों की जरूरत थी। बेटे को कुट्टी मशीन बेचते देखा तो कांशीराम से रहा नहीं गया। उन्होंने बेटे के कदम का विरोध करते हुए कहा कि यदि मशीन बेच दी तो जानवरों का चारा कैसे कटेगा। लेकिन पिता की नसीहत पर रवि बौखला गया। उसने लाठी उठाई और वृद्ध कांशीराम पर हमला बोल दिया। करीब बीस मिनट तक वह अपने वृद्ध बाप को पीटता रहा।
इस दौरान मां बंतो देवी (65) और पत्नी अर्चना (30) बचाने आईं तो उन दोनों पर भी हमला बोल दिया। इस बीच एक लाठी कांशीराम के सिर में लगी और वह ढेर हो गए। बंतो देवी और अर्चना भी लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। चीख पुकार मचने पर आसपास के लोग इकट्ठा हुए तो रवि फरार हो गया। ग्रामीणों की सूचना पर तीनों घायलों को उपचार के लिए 108 एम्बुलेंस से कांठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। लेकिन तब तक कांशीराम की मौत हो चुकी थी। बंतो देवी और अर्चना की हालत भी नाजुक है। दोनों को अस्पताल में भर्ती किया गया है।