कांठ। अब क्षेत्र के गांव लाडलाबाद में तेंदुआ दिखाई दिया है। ग्रामीणों के द्वारा लाठी-डंडों से ललकारने पर तेंदुआ गन्ने के खेत में घुस गया। जिस पर ग्रामीणों और किसानों ने खेत के चारों ओर से घेर लिया। सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम और पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जैसे-तैसे वहां से हटाया और पिंजरा लगवाने आश्वासन दिया। यहां तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है।
गांव लाडलाबाद के रहने वाले गुड्डू बुधवार की सुबह करीब साढ़े छह बजे खेत पर घूमने के लिए गए थे। जैसे ही वह गेहूं के एक खेत में पहुंचे तो वहां उन्हें तेंदुआ दिखाई दिया, जिस पर उन्होंने शोर मचाया तो आसपास खेतों पर काम कर रहे किसान और पास में ही स्थित गांव से भी ग्रामीण हाथों में लाठी-डंडे लेकर पहुंच गए। जिनके ललकारने पर तेंदुआ प्राथमिक विद्यालय के पास स्थित गांव के ही महावीर सिंह के गन्ने के खेत में घुस गया। तेंदुए को अंदर घुसता देखा ग्रामीणों ने खेत को चारों ओर से घेर लिया। इस दौरान तेंदुए के दहाड़ने पर ग्रामीण कुछ देर के लिए भयभीत भी हुए, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और लाठी-डंडे लेकर खेत के बाहर ही खड़े रहे। खेत के अंदर तेंदुआ होने की सूचना वन विभाग और पुलिस को दी गई। जिस पर वन दरोगा राजेंद्र सिंह, अमरजीत सिंह टीम सहित तो थाने से उपनिरीक्षक मोहन सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान तेंदुआ होने की पुष्टि होने पर वन विभाग और पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मौके से हटाया और पिंजरा लगाकर तेंदुए को पकड़ने का आश्वासन दिया। यहां तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है। उन्होंने तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है।
टीम ने ग्रामीणों, स्कूली बच्चों, शिक्षकों को किया जागरूक
कांठ। क्षेत्र के गांव लाडलाबाद में बुधवार को तेंदुए की दस्तक के बाद से ग्रामीणों में दहशत व्याप्त हो गई है। वन विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों संग गोष्ठी कर उन्हें जागरूक किया है। वन दरोगा राजेंद्र सिंह ने पंफलेट वितरित करते हुए तेंदुए के बारे में ग्रामीणों को बताया। वन दरोगा अमरजीत सिंह ने खेतों पर अकेले न जाने, बच्चों को जंगल और खेतों में न ले जाने, हाथों में लाठी-डंडे लेकर, शाम के समय बच्चों को घरों में ही रखने के लिए कहा। वहीं टीम ने प्राथमिक विद्यालय लाडलाबाद में पहुंचकर यहां पंफलेट को चस्पा किया और बच्चों के साथ ही शिक्षक व शिक्षिकाओं को भी जागरूक किया। संवाद
ग्रामीणों ने पिंजरा लगाने को दिया पत्र
गांव लाडलाबाद में बुधवार को प्राथमिक विद्यालय के पास तेंदुआ दिखाई देने और उसके खेत में घुस जाने के बाद ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को प्रार्थना-पत्र देकर तेंदुआ लगवाने की मांग की है। महावीर सिंह, सुखवीर सिंह, योगेंद्र सिंह, लटूर सिंह, जयपाल सिंह, डालचंद्र भाटी, राहुल कुमार, हरिओम, राम सिंह, अनुज, जयवीर सिंह, उदल सिंह, सत्यवीर सिंह आदि ने तेंदुए को पकड़वाने की मांग की है। इधर गांव लाडलाबाद के साथ ही खतापुर, सादकपुर मलूकपुर उर्फ खिचड़ी, सिरसा, ठाट, रसूलपुर गुर्जर, मघपुरी इनायतपुरी, गोविंदपुर ज्ञानपुर आदि गांवों के ग्रामीणों में भी तेंदुए की दहशत है।
गांव लाडलाबाद में तेंदुआ होने की सूचना पर टीम गई थी। मौके पर कॉम्बिंग के साथ ही ग्रामीणों को भी जागरूक किया गया है। साथ ही ग्रामीणों द्वारा पिंजरा लगवाने के संबंध में दिए गए प्रार्थना पत्र को उच्चाधिकारियों तक भेजा गया है। अनुमति मिलने पर पिंजरा लगवाया जाएगा। ग्रामीणों से अपील है कि वह सतर्क रहें और खेतों पर अकेले व निहत्थे न जाएं।
डिप्टी वन रेंजर पुष्पेंद्र सिंह, कांठ
कांठ के तीन गांवों में लगे हैं पिंजरे, नहीं फंसा तेंदुआ
पिछले दिनों तेंदुओं द्वारा क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में बच्चों सहित किसान पर हमला कर उन्हें घायल करने की घटना के बाद वन विभाग द्वारा लगाए गए पिंजरे खाली हैं। इनमें तेंदुए नहीं फंस रहे हैं। कांठ के गांव महदूद कलमी, मिश्रीपुर में एक-एक और दरियापुर में दो पिंजरे लगे हुए हैं। बुधवार की शाम तक भी चारों पिंजरे खाली रहे। जबकि इनमें तेंदुए को पकड़ने के लिए प्रतिदिन जानवरों को भी बांधा जा रहा है। इधर तेंदुओं के न पकड़े जाने पर ग्रामीणों में दहशत व्याप्त है।