मुरादाबाद। गरीबों का राशन गोदामों में ही रोकने का मामला सत्ता के गलियारों में चर्चा का केन्द्र बना है। जिला आपूर्ति अधिकारी ने गजब की तेजी दिखाई। 12 घंटे में ही अफसरों तथा नेताओं को क्लीन चिट देते हुए जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी। उधर जहां पूर्व सांसद ने इस रिपोर्ट को झूठ का पुलिंदा बताया तो वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान इस मामले में कूद पड़े। उन्होंने नाम लिए बगैर पूर्व सांसद पर आरोप लगाया कि वह तो खुद ही राशन की कालाबाजारी में लिप्त रहे हैं। अब गन्ने की कालाबाजारी कर रहे हैं। पूर्व सांसद ने ऑडियो तथा राशन डीलरों के शपथपत्रों समेत समेत सारे सुबूत सीएम को भेजने की बात कही है।
सरकार की ओर से गरीबों में मुफ्त बांटने के लिए भेजा गया राशन सप्लाई विभाग के गोदामों पर रोके जाने का मामला उजागर होने के बाद से लखनऊ तक हड़कंप मचा हुआ है। पूर्व सांसद सर्वेश सिंह ने इस मामले को उठाया था तो गूंज लखनऊ तक गई जिस पर आनन फानन में सप्लाई इंस्पेक्टर को हटा दिया गया था। आरोप था कि भाजपा केही कुछ नेता मोदी- योगी रसोइयों में भी गरीबों का राशन इस्तेमाल कर रहे हैं। अमर उजाला में मामला उजागर होने के बाद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने बुधवार को स्थानीय नेताओं को लाइन पर लेकर उनसे पूछताछ की थी। गुरुवार को प्रदेश अध्यक्ष ने पूर्व सांसद सर्वेश सिंह से फोन पर उन्होंने पूरे मामले की जानकारी ली है। जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने मामले की जांच डीएसओ संजीव सिंह को सौंपी उन्होंने गजब की तेजी दिखाई। न केवल 12 घंटे में जांच पूरी कर दी बल्कि सभी को क्लीन चिट देते हुए रिपोर्ट डीएम केसामने पेश भी कर दी।
इस मामले गुरुवार को नया मोड़ आया जब भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह चौहान ने पूर्व सांसद कुंवर सर्वेश सिंह पर ही आरोप जड़ दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी के एक पूर्व जाने-माने जनप्रतिनिधि खुद राशन की कालाबाजारी में लिप्त थे। जब उन्होंने शिकायत करके सप्लाई इंस्पेक्टर का ट्रांसफर करा दिया तो अब झूठे आरोप लगाकर अपनी राजनीति चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि राजपाल सिंह ने यह भी कहा कि गरीबों के लिए आ रहा राशन पूरी मात्रा में उन तक नहीं पहुंच रहा है इसमें विभागीय अधिकारी भी मिलीभगत है। सभी दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
डीएसओ की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद सर्वेश सिंह ने ऑडियो सुनाया। इसमें कोई व्यक्ति राशन डीलर को फोन कर पार्टी की ओर से चल रही रसोई के लिए राशन भेजने का निर्देश दे रहा है। पूर्व सांसद का दावा है कि ऑडियो में पार्टी के एक जिला स्तरीय पदाधिकारी की आवाज है। उन्होंने कहा कि 70 राशन डीलरों ने उन्हें शपथ पत्र दिए हैं कि उनके राशन से कुछ बोरे गोदामों पर रोके गए थे। बोले ऑडियो मुख्यमंत्री को भेजेंगे।
जांच में किसी नेता की कोई भूमिका नहीं: डीएम
जिलाधिकारी राकेश कुमार कुमार सिंह का कहना है कि डीएसओ से पूरे मामले की जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सरकारी राशन को किसी भी नेता के घर नहीं उतारा गया। डीएम ने कहा कि मामले में किसी नेता की कोई भूमिका साबित नहीं हुई है। जब उनसे रिपोर्ट दिखाने या सार्वजनिक करने को कहा गया तो बोले कि रिपोर्ट मुझे सौंपी गई है पर सीन करने के बाद मैने वापस डीएसओ को ही दे दी है। अब मेरे पास नहीं है। जो कुछ गड़बड़ियां थीं उनके लिए पूर्ति निरीक्षक को स्थानांतरित किया जा चुका है।
मुझे 70 डीलरों ने लिखकर दिया है कि उनके राशन से कुछ बोरे गोदामों पर रोके गए थे। यह शपथपत्र मुख्यमंत्री को भेजूंगा। डीएसओ की जांच रिपोर्ट झूठ का पुलिंदा है। हमारे पास ऑडियो रिकॉर्डिंग भी हैं जिनमें डीलरों से मोदी योगी रसोई के लिए पार्टी के एक पदाधिकारी द्वारा राशन भेजने को कहा जा रहा है। यह भी हम पार्टी संगठन को भेजेंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने भ्ीा मुझसे जानकारी ली जिसमें मैने साफ बताया है कि राशन का कुछ हिस्सा पार्टी नेताओं ने रुकवाया था। अपनी गर्दनें बचाने के लिए अधिकारी इस गड़बड़ी पर पर्दा डालने की कोशिशें कर रहे हैं। - कुंवर सर्वेश सिंह, पूर्व सांसद, भाजपा
पार्टी के एक पुराने जनप्रतिनिधि काफी समय से राशन की दलाली करते चले आ रहे हैं। मैंने शिकायत करके सप्लाई इंस्पेक्टर का ट्रांसफर कराया तो पार्टी के पुराने जनप्रतिनिधि ने उसे रुकवाने के लिए जोर लगा दिया। पार्टी के यह पूर्व जनप्रतिनिधि अपनी राजनीति चमकाने के लिए मोदी योगी रसोई में गरीबों का राशन इस्तेमाल करने का आरोप लगा रहे हैं। किसी भी मोदी योगी रसोई के कार्यकर्ता या पदाधिकारी ने राशन डीलरों से राशन मांगा हो,ऐसा कोई मामला मेरी जानकारी में नहीं है। अब यह पुराने दिग्गज जाने माने पूर्व प्रतिनिधि किसानों का गन्ना खरीदकर उसे ऊंचे दामों पर मिलों को बेच कर किसानों का शोषण कर रहे हैं। इसे हम रुकवाएंगे। डीएम के आदेश पर हुई जांच में भी डीएसओ ने कहा है कि सभी डीलरों को पूरा राशन दिया गया था और रसोई में नहीं भेजा गया। मैं भी मानता हूं कि जिले में गरीबों के लिए आया पूरा राशन गरीबों तक नहीं पहुंच रहा है। लेकिन ये बिना विभागीय मिलीभगत के मुमकिन नहीं। दोषियों को निलंबित किया जाना चाहिए। मैंने खुद उच्च स्तर पर राशन गड़बड़ी की शिकायत की है।
- राजपाल सिंह चौहान, जिलाध्यक्ष, भाजपा।
चूंकि सभी लोग मुझे जल्दी मिल गए और मैने उनकेबयान ले लिए तो ऐसे में जांच जल्दी पूरी हो गई। मैने अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। जांच में क्या निकला है इस बारे में जिलाधिकारी ही बता सकते हैं- संजीव सिंह, डीएसओ
अनसुलझे सवाल
1. जांच तत्काल पूरी करने की आखिर क्या जल्दी थी कि 12 घंटे में ही इसे पूरी कर सभी को क्लीन चिट देते हुए रिपोर्ट सौंप दी गई
2. अगर जांच निष्पक्ष है तो उसे सार्वजनिक करने से क्यों बचा जा रहा है। लोग जानना चाहते हैं कि आखिर किस आधार पर यह रिपोर्ट बनाई गई हैळ
3. यदि अधिकारी इन सवालों के जवाब देना चाहेंगे तो हम उन्हें भी प्रकाशित करेंगे