तीन जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा के लिए पिछले एक सप्ताह से जम्मू एंड कश्मीर बैंक में पंजीकरण कराने के लिए श्रद्धालु सुबह से ही पहुंच रहे थे। लोग दस से 12 घंटे तक लाइनों में लगकर पंजीकरण का इंतजार करते थे। 14 अप्रैल से 18 अप्रैल तक बैंक के बाहर इस कदर भीड़ लग रही थी कि व्यवस्थाओं को संभालने के लिए पुलिसकर्मियों तक की ड्यूटी लगाई गई थी। बैंक के मुख्य गेट का चैनल बंद करना पड़ता था।
मुरादाबाद ही नहीं, संभल, अमरोहा और रामपुर तक के श्रद्धालु पंजीकरण के लिए आ रहे थे, लेकिन बुधवार को स्थिति बदली नजर आई। पहलगाम में हुए आतंकी हमले का अमरनाथ यात्रा के पंजीकरण पर बड़ा असर पड़ा। दोपहर दो बजे बैंक में पंजीकरण के लिए एक भी श्रद्धालु नहीं था।
शाखा प्रबंधक इमरान लतीफ ने कहा कि बुधवार को दिनभर में सिर्फ 55 पंजीकरण हुए हैं। दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक कोई श्रद्धालु पंजीकरण के लिए नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि आतंकी हमले से सभी लोग गमजदा और दहशत में हैं। उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक कुल 1105 पंजीकरण हो गए हैं।