सऊदी अरब जाने पर जुड़े अवैध एक्सचेंज के तार
पुलिस को पूछताछ में पता चला है कि गिरफ्तार मोहम्मद कदीम इसी वर्ष मार्च में सऊदी अरब गया था। वहां एक अज्ञात व्यक्ति ने कदीम को टेलीफोन एक्सचेंज लगाकर पैसा कमाने का सपना दिखाया। कदीम ने लालच में आकर वहां से लौटने के बाद छोटे भाई मेहराज को साथ लेकर एक्सचेंज के काम में लग गया। आजादनगर में किराये का मकान लेकर अप्रैल से अवैध एक्सचेंज शुरू कर दिया। दोनों भाइयों ने काशीपुर ऊधमसिंह नगर (उत्तराखंड) निवासी अपने भांजे मोहम्मद जोहरा उर्फ सरफराज से सामान की व्यवस्था करवाई। अरब में मिले शख्स ने भाइयों को बताया था कि सिम कार्डों की व्यवस्था राजस्थान के रहने वाले राहुल जैन ने कर दी है। दोनों भाई विदेशी कॉल सस्ती दर पर कराते थे। सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि ये लोग भारतीयों और विदेशियों दोनों को अंतरराष्ट्रीय कॉल की सस्ती सुविधा उपलब्ध कराते थे। प्राथमिक जांच में पता चला है कि इनके खेल में साढ़े छह रुपये की कॉल का खर्च 30-40 पैसे बैठता था।
इंटरनेशनल कॉल को लोकल में बदलते थे
एसपी सिटी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी इंटरनेशनल कॉल को लोकल कॉल में परिवर्तित करने का काम करते थे। इसके लिए वीवीआईपी कॉल को सिम बॉक्स के माध्यम से जीएसएम कॉल में परिवर्तित किया जाता था। मास्टर माइंड ही विदेशियों से बात कराने का पैसा लेता था। एसपी सिटी का कहना है कि गिरफ्तार लोगों ने सऊदी में मिले शख्स की जानकारी नहीं दी है। कयास लगाया जा रहा है कि संचालक बांग्लादेश या कोलकाता का हो सकता है। उसने सऊदी की नागरिकता बाद में ली हो। इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। उनकी भूमिका की पुलिस छानबीन कर रही है।
कॉल करने वालों की भी होगी तलाश
सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि इस खेल में शामिल नेटवर्क के हर शख्स तक पहुंचने की कोशिश होगी। कॉल करने वाले देशी-विदेशी लोगों की जानकारी जुटाने के लिए जांच की जा रही है। मकान मालिक की भूमिका भी जांची जाएगी।