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शादी के एक साल बाद प्रेग्नेंसी न होने पर कराए टेस्ट

Mon, 21 Mar 2016 03:14 AM IST
मुरादाबाद/ अमर उजाला ब्यूरो
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प्रेगनेंसी
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टीएमयू में आयोजित दो दिवसीय स्पेक्ट्रम-2016 का रविवार को समापन हो गया। आखिर दिन महिलाओं की बीमारियों पर चर्चा की गई। कहा गया कि अगर शादी के एक साल बाद भी प्रेगनेंसी न होे तो तत्काल टेस्ट कराना चाहिए। ताकि रुकावट का पता लगाया जा सके। देश में दस से पंद्रह मिनट इनफर्टिलिटी बढ़ी है। इसके लिए सिर्फ महिलाएं ही जिम्मेदार नहीं है।
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आखिर दिन प्रसव के बाद ब्लीडिंग, इनफर्टिलिटी, स्तन कैंसर, सेरविक्स कैंसर और यूटेरस कैंसर, लेप्रोस्कोपी, रोबोटिक सर्जरी, मेडिकल पेशे जैसे मुद्दों पर डाक्टरों ने अपने व्याख्यान दिए। ग्यानाकालोजिस्ट डा. पारूल कोटडावाला ने कहा कि डिलीवरी के बाद ब्लीडिंग से महिलाआें की होने वाली मौत में भारत का पहला स्थान है।

भुवनेश्वर मेडिकल कालेज की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सिनी एस वेनोगोपाल ने इनफर्टिलिटी अभिशाप नहीं एक बीमारी है। इसका कारण वंशानुगत, तनाव, प्रदूषण और देरी से शादी है। इसके लिए महिला-पुरुष दोनाेें बराबर के जिम्मेदार हैं। प्रेग्नेंसी न होने पर ब्लड टेस्ट और अल्ट्रासाउंड कराकर रुकावट का पता लगाना चाहिए।
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डा. अमीष चौधरी, डा. कनिका गुप्ता, डा. नीरज नागपाल, डा. अर्चना टंडन, डा. बेला भट्ट, डा. श्रेष्ठा अग्रवाल, डा. भारती गटोरी, डा. राजुल रस्तोगी, डा. आकांक्षा अग्रवाल, डा. एनआर मुथ्था, डा. रूबी ने अपने व्याख्यान दिए। 
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