सार्वजनिक स्थानों पर अब कुत्ता पालक अपने कुत्तों को खुला नहीं छोड़ सकेंगे। ऐसा पाए जाने पर उनको इसके लिए 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करना होगा। पालतू कुत्तों के आतंक से निजात के लिए नगर निगम द्वारा तैयार बॉयलॉज का सरकारी गजट प्रकाशित होकर नगर निगम कार्यालय पहुंचने के साथ यह व्यवस्था प्रभावी हो गई है।
इसी के साथ नगर निगम ने कुत्तों के पंजीकरण को लेकर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। महानगर के 70 वार्डों में से 50 वार्डों के सर्वे में नगर निगम के कर्मचारियों ने 300 कुत्ता पालकों को चिह्नित किया है। 20 अन्य वार्डों के सर्वे का काम शनिवार को पूरा हो जाएगा। इसके बाद चिकित्सकों की टीम गठित कर पालतू कुत्तों के पंजीकरण का काम शुरू कर दिया जाएगा। कुत्ता पालकों को भी कुत्ता पालने की सूचना अब 15 दिन के अंदर देनी होगी।
इसलिए पड़ी बॉयलॉज बनाने की आवश्यकता
करीब एक साल पहले शहर की पॉश कॉलोनियों में पालतू कुत्तों के आतंक की कई वारदातें सामने आई थीं। महानगर की पॉश कॉलोनी आकाश रेजीडेंसी की लिफ्ट में एक व्यक्ति के पालतू कुत्ते ने महिला पर हमला कर दिया था। इसके अलावा कहीं पार्क तो कहीं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी कुछ इस तरह की बात सामने आई थी। अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार सिंह ने बताया कि इसके बाद से ही नगर निगम प्रशासन को पालतू कुत्तों के पंजीकरण के लिए बॉयलॉज बनाने की आवश्यकता पड़ी। इससे पहले पालतू कुत्तों के लिए कोई बॉयलॉज नगर निगम के पास नहीं था। नगर निगम प्रशासन यह बॉयलॉज प्राप्त हो गया है। जिसमें कुत्तों के पंजीकरण शुल्क से लेकर कुत्ता स्वामियों के अनुपालन की गाइडलाइन तय कर दी गई है।
कुत्ता स्वामियों को अब 15 दिन के भीतर स्वयं देनी होगी सूचना
इस व्यवस्था के लागू हो जाने के बाद से शहर के कुत्ता स्वामियों को अपने द्वारा पाले गए कुत्ते की सूचना नगर निगम को देनी होगी। इसके लिए नगर निगम की ओर से प्रपत्र-1 बनाया गया है। सरकार, न्यायालय, भारतीय पशु कल्याण बोर्ड आदि की ओर से समय-समय पर जारी आदेश का स्वान स्वामी को पालन करना होगा। ऐसा न करने पर उपविधि का उल्लंघन माना जाएगा।
कुत्ते को बांधकर रखना होगा
कोई भी व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते को किसी सार्वजनिक स्थान, गली, सड़क, पार्क, लिफ्ट, सीढ़ी आदि के आस-पास खुला नहीं छोड़ सकेगा। कुत्ते को ऐसे रखना या बांधना होगा कि पड़ोसी या किसी अन्य व्यक्ति को उससे कोई आपत्ति नहीं हो। श्वान गृह स्वच्छ होना, प्रतिदिन धुलाई एवं कीटनाशकों का छिड़काव करना जरूरी होगा। प्रत्येक कुत्ता स्वामियों को अपने कुत्ते के संबंध में प्रत्येक वर्ष अप्रैल में अनुज्ञा शुल्क का भुगतान करना होगा। जो एक वर्ष के लिए मान्य होगा।
प्रपत्र दो पर देनी होगी कुत्ते से संबंधित सूचनाएं
प्रत्येक कुत्ता स्वामी को लाइसेंस प्राधिकारी, नगर आयुक्त को अनुज्ञा स्वीकृति के लिए प्रपत्र 2 में आवेदन करना होगा। जिसमें कुत्ते का रंग, लिंग, जाति, टीकाकरण, बधियाकरण से संबंधित सभी सूचना अंकित करनी होगी। कुत्ता स्वामी अन्य कोई सूचना जो व्यक्तिगत प्राधिकारी द्वारा अपेक्षित हो, प्रस्तुत करने के लिए बाध्य होगा। अगर कोई कुत्ता स्वामी अपने कुत्ते को बेचता है या पंजीकरण कराए गए कुत्ते की मौत हो जाती है तो इसके 15 दिन के अंदर सूचना नगर निगम को देनी होगी।
- नगर निगम सीमा में चल रहे विदेशी कुत्तों के विक्रय तथा प्रजनन केंद्रों का बिना वैध लाइसेंस संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। जो डॉग बिडर एवं पैट शॉप बिना पंजीकरण के कार्यरत होंगे, उन्हें तत्काल प्रभाव से बंद किया जाएगा। कुत्तों के लिए लाइसेंस नगर निगम प्रशासन जारी करेगा।
कुत्तों के लिए प्रतिवर्ष निर्धारित शुल्क
- बड़ा कुत्ता के लिए 2,500 रुपये
- छोटा कुत्ता के लिए 1,000 रुपये
- भारतीय नस्ल के कुत्ते 1,000 रुपये
- डॉग बिडर सेंटर 10,000 रुपये पंजीकरण शुल्क
- डॉग पैट शॉप 10,000 रुपये पंजीकरण शुल्क
पटे के साथ बांधना होगा टैग
शुल्क जमा कर प्रत्येक कुत्ता पालक को उसके कुत्ते के लिए नगर निगम प्रशासन द्वारा मेटल का एक टैग दिया जाएगा। जिसका शुल्क कुत्ता स्वामी को जमा करना होगा। कुत्ता पालकों को अपने कुत्ते की गर्दन में बंधे चमड़े के पट्टे के साथ इसे बांधना होगा। जिससे निरीक्षण के समय स्पष्ट दिखाई दे।
डॉग शो के लिए लेनी लेनी होगी अनुमति
कुत्ता स्वामी को अपने कुत्ते को कुत्ता मेला, डॉग शो में ले जाने के लिए 1,000 रुपये जमा कर अनुमति लेनी होगी। इससे आयोजन स्थल नगर निगम द्वारा साफ सफाई व पानी टैंकर की व्यवस्था भी की जाएगी। दिए गए प्रावधान का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना अदा करना होगा।