मुरादाबाद। महिला सिपाही अपने बच्चों का अब पूरा ध्यान रख सकेंगी। एसएसपी ने उनकी ड्यूटी निर्धारित कर दी है। गर्भवती और बच्चे की उम्र दो साल होने तक महिला सिपाही सुबह दस बजे से पांच बजे तक ड्यूटी करेंगी। एसएसपी के इस फरमान से महिला सिपाहियों में खुशी का माहौल है।
परशुराम जन्मोत्सव के मौके पर निकाली गई शोभायात्रा में महिला सिपाही सोनिया की ड्यूटी लगी थी। भीषण गर्मी के बावजूद महिला सिपाही बच्चे को गोद में लेकर अपनी ड्यूटी प्वाइंट पर मुस्तैद खड़ी नजर आई। कुछ लोगों ने मोबाइल से वीडियो बना कर उसे सोशल मीडिया पर वायरल किया था। एसएसपी ने उसे अपने कार्यालय में बुलवाया और उसके नवजात बच्चे की सुरक्षा एवं उचित देखभाल करने के लिए महिला की इच्छानुसार पुलिस लाइंस में संचालित प्ले स्कूल में स्थानांतरित किया गया। ताकि वह अपनी एवं अपने बच्चे के विकास, सुरक्षा, उचित देखभाल कर सके। अब एसएसपी ने नया आदेश जारी किया है। इसके बाद महिला सिपाहियों में खुशी का माहौल है। गर्भवती महिला सिपाही और जिन महिला सिपाहियों के बच्चों की उम्र दो साल से कम है। उनकी ड्यूटी रात में नहीं लगाई जाएगी। वो केवल सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक ही ड्यूटी करेंगी। एसएसपी हेमंत कुटियाल ने एसपी सिटी, एसपी देहात, सभी सीओ और सभी थाना प्रभारियों को आदेश जारी कर दिया है।
महिला सिपाहियों ने मेरे समक्ष उपस्थित होकर अपनी नियुक्ति परिवर्तन के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। उन्होंने अपनी व्यक्तिगत समस्याओं और बच्चे छोटे होने के कारण उनकी देखभाल में कठिनाई के बारे में अवगत कराया था। थानों में नियुक्त ऐसी महिला सिपाही जो वर्तमान में गर्भवती हैं अथवा जिनके बच्चे दो वर्ष तक आयु के हैं। उनसे सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक ड्यूटी ली जाएगी। जिससे महिला सिपाही अपनी व्यक्तिगत समस्याओं का निराकरण एवं बच्चों की समुचित देखभाल कर सकें।
हेमंत कुटियाल, एसएसपी
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महिला पुलिस कर्मियों को छोटे बच्चे की देखभाल में बहुत परेशानियां उठानी पड़ती हैं। एसएसपी सर के आदेश से महिला सिपाहियों को बहुत राहत मिली है। बहुत अच्छा निर्णय लिया गया है।
सुनीता रानी, महिला पुलिस कर्मी
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सुबह दस बजे से शाम पांच बजे तक गर्भवती महिला सिपाही आसानी से ड्यूटी कर सकेंगीं और शाम को घर जाकर खुद के लिए भी समय दे पाएंगी। उन्हें अस्पताल भी जाना होता है।
निशा, महिला पुलिस कर्मी
एसएसपी सर ने गर्भवती महिला सिपाही और जिन महिला सिपाहियों के बच्चे छोटे हैं। उनके लिए बहुत अच्छा आदेश दिया है। अब वह अपनी संतान की अच्छे से देखभाल कर सकेंगी।
बबीता महिला सिपाही
छोटे बच्चों की देखभाल में बहुत परेशानी होती है। एसएसपी सर ने महिला सिपाहियों के हित में अच्छा कदम उठाया है। इससे महिला सिपाहियों में खुशी का माहौल है।
रीता, महिला सिपाही