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संभल में एंटी टेरेरिस्ट सेल खोलेंगी आईबी और स्पेशल ब्रांच

Fri, 25 Dec 2015 07:41 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
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अलकायदा नेटवर्क से संभल का जुड़ाव उजागर होने के बाद सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों ने संभल का नाम हाई रिस्क सूची में शामिल कर लिया है। आसिफ की गिरफ्तारी के बाद संभल में खुफिया तंत्र को दुरुस्त करने की कवायद एजेंसियों ने शुरू कर दी है। आईबी अमरोहा के बाद अब संभल में भी अपनी स्पेशल यूनिट खोलने का फैसला कर चुकी है।
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वहीं क्षेत्रीय अभिसूचना इकाई को भी मजबूती देने के लिए स्पेशल ब्रांच ने यहां अपना जेडओ स्तर का अधिकारी पोस्ट करने की कवायद शुरू की है। आसिफ की गिरफ्तारी के बाद खुफिया एजेंसियां संभल में हरकत में हैं। आसिफ से पूछताछ के बाद एजेंसियों को संभल में अलकायदा और दूसरे आतंकी संगठनों के स्लीपिंग सेल्स के बारे में ठोस जानकारियां मिली हैं।


खुफिया एजेंसियों को जानकारी मिली है कि अलकायदा संभल में अपने स्लीपिंग माड्यूल्स का बड़ा नेटवर्क खड़ा कर चुका है। इस खुफिया इनपुट के बाद राज्य और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों में बेचैनी है। सुरक्षा एजेंसियों का पूरा जोर इस बात पर है कि संभल में किसी तरह खुफिया तंत्र को चुस्त दुरुस्त किया जाए ताकि अलकायदा और दूसरे आतंकी संगठनों के एक - एक स्लीपिंग सेल को ट्रेस कर उसे ध्वस्त किया जा सके।
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प्रदेश व केंद्र सरकार अपने-अपने खुफिया तंत्र को स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश स्तर तक पुख्ता कर रहीं हैं। लखनऊ में जहां एनआईए की यूनिट तैनात की जा रही है वहीं संभल समेत पश्चिमी यूपी के सभी जिलों में भी आईबी और स्पेशल ब्रंाच के सेटअप को रिव्यू किया जा रहा है।


संभल में स्पेशल सेल के जोनल अधिकारी की तैनाती का विचार किए जाने के संबंध में शासन स्तर पर विचार किए जाने की खबर है। जिला स्तर पर जगह की तलाश की जा रही है। ऐसी जगह जहां पर स्पेशल सेल का अपना आफिस बन सके। स्पेशल सेल अभी तक अपर पुलिस अधीक्षक के कार्यालय मे संचालित है। यहां पर निरीक्षक स्तर के अधिकारी की नियुक्ति है।


अगर संभल में स्पेशल सेल का खुफिया तंत्र और मजबूत करने की बात आएगी तो निश्चित रूप से सीओ स्तर का अधिकारी, जोनल अफसर बनकर आएगा। जैसा कि शासन में विचार हो रहा है। जोनल अफसर सीधे लखनऊ में एडीजी इंटेलीजेंस को रिपोर्ट करता है। जिले में खुफिया सूचनाएं एकत्र करने के लिए उसके पास निरीक्षक और उपनिरीक्षक से लेकर कांस्टेबिल और हेडकांस्टेबिल स्तर तक के कर्मचारी भी होते हैं।


संभल जिले में स्पेशल ब्रांच का कार्यालय पहले से से संचालित है। इसमें निरीक्षक स्तर के अधिकारी की तैनाती है। उनके साथ स्टाफ भी तैनात है। यह स्टाफ लगातार सूचनाएं जुटाने में लगा है लेकिन अब हालात बदले हैं। खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के खुलासे पर यकीन करें तो कम से कम आठ लोग संभल के संदिग्ध हैं और लापता चल रहे हैं। जिनकी तलाश खुफिया एजेंसियों को है।


इन एजेंसियों की छानबीन चल रही है। इसी बीच संभल के निवासी मोहम्मद आसिफ और जफर मसूद की गिरफ्तारी हो गई है। दोनों के कनेक्शन किससे थे? किससे इनकी बातचीत होती थी? इन बातों पर छानबीन की जा रही है। वहीं राज्य सरकार अपना खुफिया तंत्र मजबूत करने की कवायद में जुट गई है।


यहां की संवेदशीलता और जरूरत को सरकार ने महसूस किया है। पुलिस अधीक्षक अतुल सक्सेना ने बताया कि स्पेशल ब्रांच की यूनिट तो संभल में है। यदि शासन स्तर से कोई निर्णय होता है तो जरूरत के हिसाब से भवन और जमीन की उपलब्धता कराई जाएगी।
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