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कोरोना ने घरों में किया लॉक, होटल कारोबार डाउन

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मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण के कारण लोगों के घरों में कैद होने से होटल कारोबार काफी प्रभावित हुआ है। व्यापार बंद होने के कारण मुरादाबाद में बाहरी लोगों का आना-जाना लगभग बंद हो गया था। इस कारण होटलों में बुकिंग नहीं आ रही थी। स्थानीय कार्यक्रमों का आयोजन पूरी तरह से बंद हो गया। वहीं शादी-विवाह और पार्टियों का आयोजन न होने से मैरिज हॉल और बैंक्वेट वालों को काफी नुकसान हुआ है। होटल उद्योग को नुकसान से उबारने की मांग की गई है।
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मुरादाबाद जनपद में करीब 60 होटल, 150 रेस्टोरेंट और लगभग 50 बैंक्वेट हॉल हैं। जिससे लगभग 16,500 कर्मचारी स्थायी और अस्थायी तौर पर जुड़े हैं। गर्मियों की छुट्टियों और सहालग के चलते इन दिनों प्रतिदिन करीब 50 करोड़ रुपये बैंक्वेट हॉल, 18 लाख रुपये होटल और 15 लाख रुपये तक रेस्टोरेंट का कारोबार होता है। रेस्टोरेंट्स के लिए सिर्फ होम डिलीवरी की सुविधा होने की वजह से दस फीसदी कारोबार ही हो पा रहा है। होटल कारोबारियों का कहना है कि मुरादाबाद निर्यात नगरी है। ऐसे में यहां का होटल कारोबार पूरी तरह से बिजनेस मीटिंग पर निर्भर है। लोगों का आवागमन कम होने के कारण होटल कारोबार पूरी तरह से ठप पड़ा है। सहालगों के बावजूद शादियों में भीड़ न होने की वजह से लोग छोटे आयोजन कर रहे हैं। बैंक्वेट हॉल पर न के बराबर बुकिंग हैं। जो हैं भी वो बहुत कम बजट की हैं।
बोले कारोबारी -
उत्तराखंड और दिल्ली की आवाजाही बंद है इस कारण हाईवे पर यातायात बहुत कम है। इसलिए पहले की तरह व्यापार नहीं है। लोगों ने कोरोना के कारण बाहर के खाने से परहेज करना शुरू किया है इसलिए नाश्ते और दोपहर व रात के खाने के समय भी ग्राहक बहुत कम संख्या में आते हैं। रेस्टोरेंट का काम पूरी तरह से डाउन है। होटल में भी व्यावसायिक बैठकें नहीं हो रही हैं इस कारण वह भी ठप हैं। सरकार को होटल इंडस्ट्री को बिजली के बिल और टैक्स में राहत देनी चाहिए।
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पंकज भारद्वाज
होटल संचालन के लिए सरकार के दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं। अभी सरकार ने होम डिलीवरी की अनुमति दी है। रेस्टोरेंट बंद चल रहे हैं। इसलिए कारोबार नहीं है। वेंडर, बिजली का बिल, स्टाफ का वेतन देने में समस्या आ रही है। हमें उम्मीद थी कि सरकार बिजली के बिल में सहूलियत देगी, लेकिन यह पूरी नहीं हुई है। गाइड-लाइन जारी की जाए और सरकार रेस्टोरेंट, बार, वॉटर पार्क आदि शुरू करने की अनुमति दे।
रविंद्र सिंह
फिलहाल व्यापार नहीं है। स्टाफ खाली हो गया है। शादियों में गाइड लाइन सिर्फ 25 लोगों की है। इसलिए ज्यादातर शादियां घर में हो रही हैं, क्योंकि इतनी कम संख्या में होटल के खर्चे नहीं निकल पाएंगे। सरकार को पर्यटन, होटल उद्योग को बढ़ावा देने के लिए पैकेज शुरू करने चाहिए। टैक्स, बिजली का बिल माफ होना चाहिए। कर्मचारियों के लिए बिना ब्याज के ऋण देने चाहिए। शादियों में सौ अतिथियों की अनुमति दी जानी चाहिए।
डीपी सिंह
जुलाई माह में शादियां हैं। अभी लोग पैकेज की पूछताछ कर रहे हैं, क्योंकि अभी 25 लोगों के लिए अनुमति है। मुरादाबाद में होटल कारोबार बिजनेस मीटिंग पर चलता है, लेकिन ऑनलाइन मीटिंग की वजह से सब ठप हो गया है। अभी होटल व बैंक्वेट हॉल संचालन के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी होने चाहिए। होटल एसोसिएशन ने सरकार से आर्थिक पैकेज की मांग की थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई है।
गौरव गुप्ता
रेस्टोरेंट के लिए डायनिंग के निर्देश नहीं हैं, ऑनलाइन डिलीवरी की अनुमति है। इस वजह से पूरा काम ठप हो गया है। सरकार को डायनिंग की अनुमति देनी चाहिए। साथ ही बिजली के बिल में छूट देनी चाहिए। कर्मचारियों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा करनी चाहिए।
संजय सिंह
ग्राहक बहुत कम आ रहे हैं। होटल व्यवसाय ठप पड़ा है। व्यापारिक गतिविधियों के लिए ग्राहक आते थे। अब ज्यादातर ऑनलाइन काम कर रहे हैं, इसलिए वह बाहर निकलने में कतरा रहे हैं। कर्मचारियों की छंटनी करनी पड़ी है। बेसिक कर्मचारियों को बुला रहे हैं। सरकार से मांग है कि आर्थिक पैकेज देकर राहत दी जाए।
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हर्ष गुंबर
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