जिसका पति दिल्ली में है और उसकी मां यहां उसकी तीमारदारी में लगी है। लेकिन महिला की मां और घर वालों को भनक लगे बगैर गुरुवार सुबह कोई शख्स जिला अस्पताल पहुंचा और महिला को डिस्चार्ज करा कर ले जाने लगा। अस्पताल रिकार्ड में उसने अपना नाम हसन चाचा दर्ज कराया है। ऐन वक्त पर परिजनों को पता चला तो उन्हाेंने डिस्चार्ज प्रक्रिया रोकते हुए हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच हसन चाचा गायब हो गया।
संभल के नखासा थाना क्षेत्र में तुर्तीपुरा निवासी फिजा खानम की शादी तीन साल पहले घर के सामने रहने वाली जींस व्यापारी मोहम्मद शाकिर के साथ हुई थी। शाकिर दिल्ली में रहता है और वहीं जींस का काम करता है। जबकि फिजा संभल में ही ससुराल में रहती है। मायके वालों का आरोप है कि 23 नवंबर को ससुराल वालों ने फिजा को दूध में जहर देकर मारने की कोशिश की। तबियत बिगड़ने पर मायके वाले उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। जिला अस्पताल में थर्ड फ्लोर पर मेडिकल वार्ड में फिजा को भर्ती किया गया है।
यहां फिजा की तीमारदारी उसकी मां नईमा बेगम कर रही हैं।
फिजा का इलाज कर रहे फिजिशियन डा. एके मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब दस बजे एक शख्स उनके पास आया और उसने फिजा को अस्पताल से डिस्चार्ज करने को कहा। उसने अपना नाम हसन और खुद को फिजा का चाचा बताया। इसके बाद डा. एनके मिश्रा ने फिजा को डिस्चार्ज कर उसकी डिस्चार्ज स्लिप वार्ड में भेज दी।
अभी फिजा को डिस्चार्ज किया ही जा रहा था कि अचानक उसकी मां नईमा बेगम वहां पहुंच गईं। उन्होंने अस्पताल से स्टाफ से पूछा कि फिजा को कहां ले जाया जा रहा है तो स्टाफ ने डिस्चार्ज करने की बात बताई। इस पर नईमा बेगम भड़क गईं और हंगामा करने लगीं। अस्पताल स्टाफ ने जब बताया कि घर वालों के कहने पर ही फिजा को डिस्चार्ज किया गया है तो हसन चाचा की तलाश शुरू हुई लेकिन हसन चाचा मौके से खिसक गया। इसे लेकर अस्पताल में हड़कंप मचा रहा।