बैंक सरकार का टैक्स तक लेने को राजी नहीं हैं। ऐसे में आम पब्लिक के साथ बैंकों में हो रहे सुलूक का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। इनकम टैक्स की आईडीएस और सेल्स की रकम तक बैंक जमा नहीं कर रहे हैं। जबकि आईडीएस की रकम जमा करने के लिए 30 नवंबर आखिरी तारीख है। ऐसे में बैंकों के रुख से खफा निर्यातकों - व्यापारियों ने बैंकों की शिकायत पीएमओ और वित्त मंत्रालय से की है। हालांकि गुरुवार को एसबीआई ने आईडीएस जमा करना शुरू कर दिया है। इसके लिए अलग से काउंटर भी खोला है। लेकिन बाकी बैंकों की हालत जस की तस है।
बैंकों द्वारा टैक्स की रकम जमा नहीं किए जाने की शिकायत निर्यातकों- व्यापारियों ने इनकम टैक्स विभाग में भी की है। जिसे लेकर आईटी अफसर भी बैंक वालों से खफा हैं। ज्वाइंट कमिश्नर इनकम टैक्स राजीव कुमार शिकायतकर्ताओं से कह चुके हैं कि वह ई ग्रिवांस सेल पर शिकायत करें जिसे वह एक्शन के लिए इनकम टैक्स बोर्ड को बढ़ाएंगे।
हालांकि गुरुवार को एसबीआई ने इनकम टैक्स और सेल्स टैक्स समेत सभी सरकारी कर जमा करने शुरू कर दिए हैं। बैंक ने इसके लिए स्पेशल काउंटर भी खोला है ताकि सरकार का टैक्स बिना किसी असुविधा के जमा हो सके। लेकिन पीएनबी, इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, सिंडिकेट बैंक समेत बाकी बैंकों से अभी भी करदाता बैरंग लौट रहे हैं। आईडीएस और सेल्स टैक्स जमा करने पहुंचे लोगों ने प्रधानमंत्री को भेजी शिकायत में बैंकों की रैंडम जांच कराने की मांग की है।