हार्ट, हाईपरटेंशन, बीपी और शुगर जैसी बीमारियों के लिए इलाज जिला अस्पताल में नान कम्यूनिकेबल डिजीज (एनसीडी) सेल खोला गया है। लेकिन यहां तक पहुंचने में मरीजों को सत्तर सीढ़ियां चढ़नी पड़ी है। ऐसे में एनसीडी सेल तक पहुंचने में दिल के मरीजाें की हार्ट बीट बढ़ जाती है तो बीपी के मरीजों का ब्लड प्रेशर। हाईपरटेंशन के मरीज सिर पकड़ कर बैठ जाते हैं।
पिछले साल नेशनल हेल्थ मिशन के तहत मुरादाबाद सहित प्रदेश के उन्नीस जिलों में एनसीडी सेल की शुरुआत की गई। इसका मकसद गंभीर मर्ज के लिए मरीज को बड़े शहरों का मुंह न देखना पडे़। सरकारी अस्पताल में ही हार्ट, हाईपरटेंशन, बीपी और शुगर के मरीजों इलाज हो सके। मुरादाबाद के एनसीडी सेल में मंडलभर के मरीज आते हैं। लेकिन यहां इलाज से अधिक मरीजों को इंतजाम से लड़ना पड़ता है। जिला अस्पताल की तीसरी मंजिल पर बने एनसीडी सेल तक पहुंचने में मरीजाें को सत्तर सीढ़ियां चढ़नी पड़ती है।
सेल तक पहुंचने में मरीजाें की सांसे फूल जाती हैं। कई मरीज तो बीच रास्ते में ही हिम्मत हार जाते हैं। सीएमओ डा. संजीव यादव ने बताया कि एनसीडी सेल के लिए अलग से कोई बिल्डिंग बनाने की व्यवस्था नहीं थी। वहीं जिला अस्पताल में ग्राउंट फ्लोर पर कोई जगह नहीं थी। इसलिए तीसरी मंजिल पर खाली पड़े कमरों में एनसीडी सेल शुरू की गई। जगह मिलने पर इसे ग्राउंट फ्लोर पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। हालांकि मरीजों की सुविधा के लिए लिफ्ट की व्यवस्था है।