मुरादाबाद। दोपहर होते-होते रेलवे स्टेशन और डीआरएम कार्यालय में अचानक हूटर गूंज उठा। कुछ ही पलों में अधिकारियों और कर्मचारियों की रफ्तार बदल गई। कोई कंट्रोल कार्यालय की ओर दौड़ा तो कोई फोन पर दुर्घटना की लोकेशन और घायलों की संख्या पता करने लगा। सवाल एक ही था कि हादसा कहां हुआ है और कितने लोग फंसे हैं।
कंट्रोल से सूचना मिली कि मुरादाबाद यार्ड की लाइन संख्या 16 और 17 के बीच यात्री ट्रेन पटरी से उतर गई है और एक डिब्बा पलट गया है। 20 से अधिक यात्रियों के घायल होने और पांच के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना मिलते ही दुर्घटना राहत गाड़ी और मेडिकल वैन को रवाना कर दिया गया। कुछ ही देर में राहत दल मौके पर पहुंच गए। हालांकि यह पूरा घटनाक्रम वास्तविक हादसा नहीं, बल्कि रेलवे, एनडीआरएफ और यूपीएसडीएमए की संयुक्त मॉक ड्रिल थी।
मंडल आपदा राहत दल और एनडीआरएफ के जवानों ने पहुंचते ही बचाव अभियान शुरू किया। पलटे हुए डिब्बे को काटकर उसमें फंसे यात्रियों को बाहर निकालने का अभ्यास किया गया। टीम ने कुल 22 घायलों को निकालने का प्रदर्शन किया। मौके पर घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया भी दोहराई गई। रेलवे अस्पताल के डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ के साथ रेलवे, राज्य और निजी अस्पतालों की पांच एंबुलेंस मौके पर मौजूद रहीं। यूपी फायर सर्विस ने आग लगने की स्थिति में अग्निशमन और बचाव कार्य का अभ्यास किया। एनडीआरएफ ने एयर स्विंग की मदद से घायल को सुरक्षित निकालने का प्रदर्शन भी किया। मॉक ड्रिल में डीआरएम विनीता श्रीवास्तव समेत रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और अन्य एजेंसियों के कर्मचारी शामिल रहे।
सायरन बजा, कलक्ट्रेट से बाहर निकले अधिकारी, 500 बच्चों के सामने हुआ रेस्क्यू
मुरादाबाद। शुक्रवार दोपहर कलक्ट्रेट में अचानक सायरन गूंजा तो अधिकारी-कर्मचारियों में अफरातफरी जैसी स्थिति बन गई। बिना पूर्व सूचना सक्रिय किए गए अलार्म के बाद सभी तत्काल परिसर से बाहर निकलकर निर्धारित सुरक्षित स्थान मुशायरा ग्राउंड की ओर पहुंचे। कलक्ट्रेट में मौजूद अधिवक्ताओं ने भी आपात स्थिति मानते हुए बाहर निकलने की प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इसके बाद अधिकारियों-कर्मचारियों ने भूकंप आने की स्थिति में बचाव और सुरक्षित निकासी का अभ्यास किया।
उधर, बिलारी के अटल आवासीय विद्यालय में करीब 500 बच्चों के सामने अग्निशमन दल ने आग से बचाव का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। बच्चों को अग्निशमन उपकरण चलाने और आग लगने पर सुरक्षित बाहर निकलने की जानकारी दी गई। जिले की सभी तहसीलों, रेलवे जंक्शन और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर भी भूकंप, रासायनिक हादसे और आग से बचाव की मॉक एक्सरसाइज हुई। जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से पूरी कवायद की निगरानी की गई।