मुरादाबाद। कोरोना संक्रमण और गवाह के नहीं आने के कारण सोमवार को कांठ बवाल प्रकरण में सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख तय की है। वहीं, आरोपी कैबिनेट मंत्री व शहर विधायक समेत अन्य आरोपी भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। उन्होंने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाजिरी माफी का प्रार्थना पत्र दाखिल किया है।
जुलाई 2014 को कांठ के अकबरपुर चेंदरी गांव में धर्मस्थल पर लाउडस्पीकर बजाने को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए थे। इस मामले को लेकर एक पक्ष की ओर से कांठ में महापंचायत बुलाई थी। महापंचायत के दौरान जमकर बवाल हो गया था। इस मामले में तीन केस दर्ज किए गए थे, जिसमें कैबिनेट मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह, शहर विधायक रितेश गुप्ता समेत अन्य भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं को भी आरोपी बनाया गया था। इस केस की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। कोरोना संक्रमण और गवाह के नहीं आने के कारण सोमवार को भी कोर्ट में सुनवाई नहीं हो पाई। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 24 अप्रैल की तारीख तय की है।