रामपुर। सपा सांसद आजम खां के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे के मामले में शुक्रवार को कोर्ट में तारीख थी। जिसमें गवाह के कोर्ट न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। मामले में कोर्ट ने अब अगली तारीख सात दिसंबर तय की है।
मामला वर्ष 2007 के विधानसभा चुनावों का है। आरोप है कि टांडा में हुई जनसभा के दौरान सपा सांसद आजम खां ने जातिसूचक टिप्पणी की थी। बसपा नेता धीरज शील ने आजम खां पर जनसभा में वाल्मीकि समाज के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए अपमान करने और विभिन्न वर्गों के लोगों में शत्रुता को बढ़ावा देने के अतिरिक्त दुश्मनी या नफरत पैदा करने, धर्म, जाति और भाषा के आधार पर बांटने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी, जिस पर पुलिस ने इन आरोपों में आजम खां के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। मुकदमे की विवेचना के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी।
अब ये मामला एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा है। जिसमें 30 अक्तूबर को हुई सुनवाई के बाद कोर्ट ने सपा सांसद आजम खां पर आरोप तय कर दिए थे। शुक्रवार को को इस मामले में कोर्ट में सुनवाई थी। जिसमें गवाह के न आने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले में कोर्ट ने अगली तारीख सात दिसंबर तय की है।