डॉक्टरों का दावा है कि विभिन्न शोध में परिणाम स्पष्ट होने के बाद लोगों को स्टेम सेल्स सुरक्षित करने की सलाह दी जा रही है। मुरादाबाद में कई निर्यातक, अस्पताल संचालक और कुछ कपड़ा कारोबारी अपने परिवार में नए सदस्य के आगमन के दौरान उसके स्टेम सेल्स को सुरक्षित कर चुके हैं। मंडल में लाइफ सेल्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी स्टेम सेल्स बैंकिंग का काम कर रही है। कंपनी के प्रतिनिधि सूरज के मुताबिक स्टेम सेल्स को 75 साल तक सुरक्षित रखा जाता है।
इसके लिए स्टेम सेल्स बैंकिंग का सहारा लेना पड़ता है। इन कोशिकाओं में खुद पुनर्जीवित होने या रक्त कोशिकाओं, मस्तिष्क कोशिकाओं व फेफड़ों की कोशिकाओं समेत तमाम विशिष्ट कोशिकाओं का निर्माण करने की क्षमता होती है। गंभीर चोट या बीमारी की स्थिति में यदि मस्तिष्क की कोशिकाओं को भी नुकसान होता है तो स्टेम सेल्स नई मस्तिष्क की नई कोशिकाएं बना सकते हैं। स्मृतिलोप (अल्जाइमर) का इलाज भी इससे संभव है।
बच्चे के साथ पूरे परिवार के लिए फायदेमंद
ऐसा जरूरी नहीं है कि जिस बच्चे के जन्म के समय स्टेम सेल्स सुरक्षित किए गए हों, सिर्फ उसे ही भविष्य में लाभ दिया जा सके। कई स्टेम सेेल्स बैंकिंग कंपनियां स्टेम सेल्स का लाभ माता-पिता, भाई-बहन, नाना-नानी और दादा-दादी को भी देती हैं। परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को जरूरत पड़ने पर गंभीर बीमारियों में ट्रांसप्लांट या सर्जरी की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्टेम सेल्स संरक्षण के लिए गर्भनाल के रक्त को एक संग्रह बैग में एकत्र किया जाता है। परीक्षण के बाद इसे -196 डिग्री पर जमाया जाता है और विशेष चिकित्सकीय देखभाल में बैंकिंग लैबोरेट्री में रखा जाता है।
- गंभीर बीमारियों में ट्रांसप्लांट के समय लोगों को समान ब्लड ग्रुप वाले व सगे संबंधियों को खोजना पड़ता है। कई बार अंतिम समय पर डोनर मना कर देता है। जबकि, स्टेम सेल्स को एक बार आपने संरक्षित कर लिया तो पीछे हटने का सवाल ही नहीं। पूरी उम्र के लिए यह गंभीर बीमारियों के इलाज में मददगार है।
- डॉ. शुभ्रा अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ
- स्टेम सेल्स बैंकिंग अच्छी तकनीक है, लेकिन जब सरकारी ब्लड बैंक की तरह इनके संरक्षण का सिस्टम बनेगा, तो यह सबके लिए मददगार होगी। अभी तक सिर्फ वहीं लोग इसका इस्तेमाल कर सकते हैं, जिनके परिवार ने इसे सुरक्षित किया है। मुरादाबाद में कई परिवार इसे अपना रहे हैं।
- डॉ. सुदीप कौर, आईएमए सचिव