एमडीए की सोनकपुर योजना में स्थित 3586 वर्ग मीटर सीलिंग लैंड को किसानों के पक्ष में छोड़े जाने संबंधी जिलाधिकारी के आदेश को हाईकोर्ट ने स्टे कर दिया है। मुरादाबाद विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष राजेश यादव ने डीएम के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।
इस प्रकरण में डीएम और वीसी के बीच तकरार के हालात भी पैदा हो गए थे। एमडीए की सोनकपुर योजना प्लान तो हुई लेकिन सात साल बाद भी बस नहीं सकी। सोनकपुर योजना की अधिकांश जमीनों पर मुकदमे चल रहे हैं। इसी वजह से एमडीए योजना को बेच नहीं सका है।
योजना में सीलिंग लैंड पर भी विवाद है। इसी तरह के एक विवाद में 17 जून 2016 को जिलाधिकारी ने सीलिंग की 3586 वर्ग मीटर जमीन किसान बालकिशन और छोटेलाल के पक्ष में छोड़ने का आदेश दिया था। दोनों किसानों ने जिलाधिकारी की अदालत में इस बाबत मुकदमा दायर कर रखा था।
जिस पर सुनवाई के बाद डीएम ने प्राधिकरण को आदेश दिया था कि सोनकपुर योजना में स्थित गाटा संख्या 792 की 3586 वर्ग मीटर जमीन पर किसान छोटेलाल और बालकिशन अथवा उसके वारिसों को कब्जा दे दिया जाए।
जमीन पर किसानाें को कब्जा भी दे दिया गया था। किसानों के पक्ष में इस जमीन छोड़ने के लिए प्रदेश सरकार के एक कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को आदेश की भाषा में लिखित सिफारिशें भी की थीं। जमीन पर किसानों को कब्जा भी दे दिया गया था।
लेकिन बाद में वीसी राजेश यादव और डीएम जुहैर बिन सगीर के बीच टकराव के हालात पैदा होने पर वीसी ने डीएम के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दे दी थी। एमडीए की याचिका पर सुनवाई करने के बाद हाईकोर्ट के जज न्यायमूर्ति वीके शुक्ला और न्यायमूर्ति एमसी चतुर्वेदी की खंडपीठ ने डीएम के आदेश को स्टे कर उसके अमल पर रोक लगा दी है।
सीलिंग की जमीन पर हम कब्जा नहीं होने देंगे। प्राधिकरण ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिस पर उच्च न्यायालय ने सोनकपुर योजना में स्थित 3586 वर्ग मीटर सीलिंग लैंड को किसान के पक्ष में छोड़े जाने संबंधी जिलाधिकारी के आदेश को स्टे कर दिया है। सुनवाई शुरू हो गई है, जमीन एमडीए की है और नियोजित है, जमीन पर भूखंड, पार्क आदि बनाए जा चुके हैं।
- राजेश यादव, वीसी एमडीए।