मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल के बीच शुरू हुई जंग से अब सपा में निचले स्तर पर भी कलह शुरू हो गई है। सपा कार्यकर्ता खुलेआम अखिलेश - शिवपाल के खेमों में बंटने लगे हैं।
सपा के राज्यसभा सदस्य जावेद अली खां और मुरादाबाद के सपा जिलाध्यक्ष (दर्जा प्राप्त मंत्री) हाजी इकराम कुरैशी ने कार्यकर्ताओं का अपील की है कि वह अखिलेश यादव के समर्थन में लखनऊ कूच करें। जिलाध्यक्ष ने अपने इस्तीफे का भी ऐलान कर दिया है। वहीं दूसरे खेमे ने सांसद और जिलाध्यक्ष के बयानों की निंदा की है।
सपा नेताओं ने अपने बयानों से साफ कर दिया है कि उन्हें मुलायम सिंह का फैसला मंजूर नहीं है। शायद यही वजह है कि शनिवार को पंचायत सभागार में आयोजित समाजवादी लोहिया वाहिनी के मंडलीय सम्मेलन में सपा के राज्यसभा सांसद जावेद अली खां ने कहा कि कार्यकर्ताओं को मुख्यमंत्री के पक्ष में लखनऊ कूच करना चाहिए।
लखनऊ में पहले से सपा कार्यकर्ता सीएम के पक्ष में सड़कों पर लेट रहे हैं। मुरादाबाद के कार्यकर्ता भी उन्हें सपोर्ट करें। जावेद के बाद माइक संभालते ही सपा जिलाध्यक्ष व समाज कल्याण विभाग के सलाहकार हाजी इकराम कुरैशी ने भी सीएम अखिलेश यादव की तारीफ करते हुए कहा कि शिवपाल को अब यूपी से हटाकर केंद्र की राजनीति में चले जाना चाहिए।
कार्यकर्ताओं से लखनऊ कूच करने की अपील के साथ ही हाजी इकराम ने यह भी कह डाला कि वह लखनऊ पहुंचकर मुख्यमंत्री को जिलाध्यक्षी से इस्तीफा सौंप देंगे। हालांकि इनके बाद मंच पर पहुंचे बिलारी एमएलए मोहम्मद फहीम और कांठ विधायक अनीसुर्रहमान के बोल जावेद और इकराम से एकदम जुदा था। उधर, पूर्व मेयर हूमायूं कदीर ने हाजी इकराम की स्पीच को पार्टी विरोधी बताते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की है।
हम शिवपाल यादव का सम्मान करते हैं लेकिन हमारे नेता अखिलेश यादव ही हैं। अखिलेश नहीं तो हम भी नहीं, हम लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। यदि अखिलेश यादव प्रदेश अध्यक्ष नहीं हैं तो हम भी जिलाध्यक्ष नहीं रहेंगे। हमारी मांग है कि सरकार के साथ ही यूपी सपा की कमान भी पूरी तरह से मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को सौंप दी जाए। शिवपाल यादव को अब यूपी से हटाकर राष्ट्रीय स्तर की राजनीति के लिए दिल्ली में किसी पद पर भेज देना चाहिए। सपा कार्यकर्ताआें से हमने मांग की है कि अखिलेश यादव के समर्थन में लखनऊ कूच करें।
- हाजी इकराम कुरैशी, जिलाध्यक्ष सपा (सलाहकार, समाज कल्याण विभाग)
आजम खां और मुलायम सिंह यादव सपा के दो स्तंभ हैं। इन दोनों नेताओं ने ही सपा की नींव डाली है। परिवार में कोई बात होती है तो ये दोनों नेता उसे निपटा लेते हैं। इसलिए निचले स्तर पर किसी को भी इसमें चिंतित होने की जरूरत नहीं है। दोनों नेताओं की सरपरस्ती में सपा आगे बढ़ती रहेगा, पार्टी में टूट का कलह का प्रश्न ही नहीं है। इसलिए कार्यकर्ताओं को सिर्फ मिशन - 2017 पर फोकस करना चाहिए।
- मोहम्मद फहीम, विधायक, बिलारी।