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Moradabad News: शहर में कारखानों में माल भेजने पर बिल मांगते हैं जीएसटी अधिकारी

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मुरादाबाद। राज्य कर अधिकारियों के समक्ष व्यापारियों ने जीएसटी की कमियों को उजागर किया। बताया कि बर्तन के कच्चे माल पर 18 प्रतिशत जीएसटी वसूली जाती है और तैयार माल पर पांच प्रतिशत कर लिया जाता है। इस अहम कारण से व्यापारियों को आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है।
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राज्य कर विभाग की तरफ से रामगंगा विहार स्थित जोन कार्यालय में आयुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त ग्रेड -1 अशोक कुमार सिंह ने व्यापारी संवाद का कार्यक्रम आयोजित किया था। इस कार्यक्रम में लखनऊ से संयुक्त आयुक्त श्री हरि मिश्रा पर्यवेक्षण के लिए आए थे। शनिवार की दोपहर दो बजे कार्यक्रम शुरू होने पर बर्तन कारोबारी सुनील अग्रवाल ने कहा कि विडंबना यह है कि बर्तन के कच्चे माल पर 18 प्रतिशत और तैयार माल पर 5 प्रतिशत जीएसटी है। इसके साथ ही शहर के अंदर कच्चे माल को एक कारखाने से दूसरे कारखाने तक ले जाने पर सचल दल द्वारा रोका जाता है। सचल दल के लोग ऐसे माल पर जीएसटी की रसीद मांगते हैं। इसकी वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उत्तर प्रदेश संयुक्त व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अरविंद कुमार अग्रवाल जानी ने कहा कि कच्चा माल और तैयार माल पर जीएसटी का अंतर 13 प्रतिशत का है। कच्चे माल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस पर जीएसटी कम होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फोन पर राज्य कर के अधिकारी अपर आयुक्त ग्रेड -1 और ग्रेड -2 की वजह से फोन द्वारा कई समस्याओं का समाधान हो जाता है। रचित अग्रवाल ने आरोप लगाया कि निर्यातकों द्वारा रिफंड का क्लेम करते समय आईटीसी की चेन में तीसरे, चौथे और पांचवें चेन ब्रेक रोके पर पैसा रोक दिया जाता है।
सराफा कारोबारियों को नहीं मिला मौका
श्री सराफा कमेटी बाजार गंज के नीरज अग्रवाल ने बताया कि बैठक पांच बजे तक चली लेकिन उनको बोलने का मौका नहीं मिला। उन्होंने बताया कि सोने चांदी पर तीन प्रतिशत की जीएसटी लगी हुई है। गहने बनाने का स्पेशल आर्डर मिलता है तो उस पर पांच प्रतिशत और तीन प्रतिशत की जीएसटी लगती है। इससे व्यापारियों पर काफी आर्थिक बोझ पड़ता है। इस व्यवस्था को सरल किया जाना चाहिए।
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तीन लोगों को मिला दुर्घटना बीमा लाभ
मुख्यमंत्री व्यापारी दुर्घटना बीमा योजना के तहत एमआरएस इंटरनेशनल की तरफ से शहीद, जेके टेक्सटाइल्स की तरफ से निर्वेश शुक्ला और हबीबी ट्रेडर्स की तरफ से मुस्तफा को दस -दस लाख की वित्तीय मदद दी गई। तीनों लोगों ने विभाग के प्रति आभार जताया। इसके पहले राज्य कर अधिकारियों ने जीएसटी रिफार्म, रिटर्न, समाधान के बारे में जानकारी दी। इस दौरान एडीएम वित्त एवं राजस्व ममता मालवीय, अपर आयुक्त ग्रेड -2 आरए सेठ ने विचार व्यक्त किया।
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