126 फर्में सीजीएसटी, 87 एसजीएसटी से जुड़ीं
अपर आयुक्त ग्रेड-2 आरए सेठ ने बताया कि प्राथमिक जांच में एके इंटरप्राइजेज से जुड़ी 122 फर्में प्रकाश में आई थीं। 22 अन्य फर्में ईमेल से पकड़ी गईं। अभी इखलाक की गिरफ्तारी के बाद 213 फर्मों की जांच की गई हैं। इनमें 126 फर्में सीजीएसटी और 87 एसजीएसटी से जुड़ी हैं। देश की यह सबसे बड़ी जीएसटी चोरी बताई जा रही है।
मुरादाबाद में पकड़े गए दो ट्रकों से 989 करोड़ की टैक्स चोरी का खुलासा
मुरादाबाद में राज्य कर विभाग के अधिकारियों ने 24 और 25 अक्तूबर को चेकिंग के दौरान लोहे से लदे दो ट्रक पकड़े थे। अफसरों ने जांच की तो पता चला कि दो मोबाइल नंबरों पर 144 फर्जी फर्में पंजीकृत कराई गई थीं। इन फर्मों पर 400 करोड़ की जीएसटी चोरी की गई थीं।
इस मामले में दो एफआईआर होने के बाद एसएसपी ने एसआईटी गठित की। इसके बाद एसआईटी की गिरफ्त में आए मास्टर माइंड इखलाक की डायरी में मिलीं 535 फर्मों की जांच में 989 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा हुआ।
महीनेभर की जांच में दो एफआईआर, सिर्फ दो गिरफ्तार
करीब महीने से चल रहे जीएसटी चोरी के मामले में राज्य कर विभाग की ओर से दो प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसमें नाै कारोबारियों और दो फर्मों को आरोपी बनाया गया। इसके अलावा एक एफआईआर लखनऊ में भी दर्ज है। वहीं एसआईटी ने 22 नवंबर को मेरठ निवासी मास्टर माइंड इखलाक और उसके सहयोगी इत्तेहात आलम उर्फ दानिश कबाड़ी को गिरफ्तार कर लिया। अभी गिरोह के सरगना समेत छह सदस्य की तलाश है।
राज्य कर के अधिकारी एसआईटी के संपर्क में हैं। पूरे देश में फैले टैक्स चोरों के इस मकड़जाल को तोड़ा जाएगा। अभी 335 फर्मों की जांच के दौरान 989 करोड़ की जीएसटी चोरी का खुलासा किया गया है। - अशोक कुमार सिंह, अपर आयुक्त ग्रेड-1, मुरादाबाद जोन