जीएसटी बिल राज्य सभा से पास होने से कारोबारियों में एक नई उम्मीद जगी है। अब इसके कानून बनाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जीएसटी आने से व्यापारियों से लेकर, कारोबारियों के साथ ही निर्यातकों को भी इसका लाभ मिलेगा। इसके लागू होने के बाद एकीकृत कर प्रणाली लागू हो जाएगी। इससे अलग अलग जगह कर भरने के बजाय एक ही बार कर भरना होगा।
जीएसटी (गुड्स एंड सर्विस) बिल बुधवार को राज्य सभा से पारित हो गया। देश में जीएसटी लागू होने से हर वर्ग को लाभ होगा। अब केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से लिए जाने वाले टैक्स से मुक्ति मिलेगी। केवल एक बार टैक्स भरकर देश के किसी भी कोने में सामान पहुंचाया जा सकेगा।
साथ ही टैक्स वसूली को लेकर लेकर कारोबारियों के साथ होने वाली मनमानी पर भी रोक लगेगी। इसका लाभ समाज के हर वर्ग को मिलेगा। इसमें उपभोक्ता, कारोबारी, व्यापारी और निर्यातक भी शामिल हैं।
अब एक ही बार टैक्स भरकर राज्यों को दिए जाने वाले टैक्स से छूट मिल जाएगी। इसके साथ ही सामान को कहीं आसानी से लाया और ले जाया जा सकेगा। दूसरा कम टैक्स वालों राज्यों से कारोबार करने के बजाय व्यापारी हर जगह व्यापार कर सकेंगे। फार्म 31 का रोल खत्म हो जाएगा।
रचित अग्रवाल किराना होल सेल व्यापारी
जीएसटी आने से निर्यातकों को सीधा सीधा लाभ होगा। निर्यातक अलग अलग राज्यों से जो समान मंगाते हैं उसके लिए उतनी ही जगह टैक्स भरना होता था। लेकिन सरकार की ओर से मिलने वाली छूट लिमिटेड होती है। जिसके चलते नुकसान उठाना पड़ता था।
नवेद उर रहमान, निर्यातक
गुड्स एंड सर्विस टैक्स लागू होने से अलग अलग वैट की समस्या भी खत्म हो जाएगी। निर्यातकों को हर साल वैट रिफंड के नाम पर अपने की पैसे के लिए सेल टैक्स विभाग में चक्कर लगाने पड़ते थे। अब केवल एक बार टैक्स भरने के बाद किसी प्रकार का टैक्स नहीं लगेगा। जो भी छूट मिलनी होगी उसी में मिल जाएगी।
सुधीर त्यागी, निर्यातक
राज्य सभा से जीएसटी का पास होना स्वागतयोग्य कदम है। इससे सभी को फायदा होगा, विशेषकर निर्यातकों को कई स्तर पर होने वाली परेशानी बच जाएगी। कागजी कार्रवाई कम होगी और मैन पावर भी बचेगी।
सतपाल, निर्यातक