मुरादाबाद। शनिवार देर रात गोविंद नगर आउटर पर दो ट्रेनों में लूट के मामले में जीआरपी ने तीन लोगों को उठाया है। बुधवार को मामले का खुलासा हो सकता है। उठाए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है। यह कार्रवाई जीआरपी के आईजी के मुरादाबाद दौरे के ठीक बाद हुई है। माना जा रहा है कि अब सिर्फ एक आरोपी को पकड़ना बाकी है। इसके बाद मामला पूरी तरह साफ हो जाएगा।
जीआरपी को सुराग मिले हैं कि घटनास्थल के पास चारों आरोपी एक दीवार के पीछे पीपल के पेड़ के चबूतरे पर छिपकर बैठे थे। तलवार और तमंचों के साथ चारों आरोपी ट्रेन लूटने की योजना से वहां बैठे थे। वहां उन्होंने शराब भी पी थी। यात्रियों से बातचीत में भी लुटेरों के नशे में होने की पुष्टि हुई थी। शनिवार देर रात 01.40 बजे (14205) फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस जैसे ही गोविंदनगर आउटर पर रुकी तो लुटेरे ट्रेन की स्लीपर बोगी में चढ़ गए। यात्रियों से मारपीट शुरू कर दी। कुछ लोगों ने विरोध किया तो उन्हें तलवार मारकर घायल कर दिया। एक महिला से कुंडल और चेन छीन ली। अन्य यात्रियों से पर्स, मोबाइल, नकदी आदि लूटकर ट्रेन से कूदकर फरार हो गए। यात्रियों ने मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पहुंचकर जीआरपी को तहरीर दी थी। मुरादाबाद में ट्रेन के यात्रियों से पूछताछ नहीं की गई। इसके बाद यात्रियों ने ट्वीट किया तो हापुड़ में जीआरपी के दरोगा यात्रियों के बीच पहुंचे और उनकी बात सुनी।
वहीं मुरादाबाद में यात्रियों की तहरीर के बाद भी जीआरपी और आरपीएफ की टीमें अलर्ट नहीं हुईं। नतीजतन उसी जगह लुटेरों ने रात 02.45 बजे (14615) लालकुआं-अमृतसर एक्सप्रेस में लूट की दूसरी घटना को अंजाम दे दिया। इस ट्रेन में भी चारों आरोपियों ने कई यात्रियों को घायल कर दिया। उनसे पर्स, नकदी, मोबाइल आदि लूटकर भाग गए। जीआरपी ने शुरूआत में दो ट्रेनों में पांच यात्रियों से लूट दिखाई थी। इसमें मोबाइल, पर्स, 3500 रुपये नकद और ज्वैलरी शामिल है। बाद में महिला यात्री शालिनी की तहरीर पर रिपोर्ट में डेढ़ लाख से अधिक कीमत के गहने भी शामिल किए गए। एसपी जीआरपी अपर्णा गुप्ता का कहना है कि पुलिस की चार टीमें लगातार काम कर रही हैं। मंगलवार देर रात को कुछ और ठोस सुराग हाथ लगे हैं। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।