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Moradabad News: साथी की गिरफ्तारी पर ग्राम विकास अधिकारियों ने किया प्रदर्शन

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मुरादाबाद। बनियाठेर के ग्राम पंचायत सचिव की गिरफ्तारी से आहत ग्राम विकास अधिकारियों ने विकास भवन में प्रदर्शन कर विरोध जताया। आरोप लगाया कि यह कार्रवाई एक पक्षीय और बगैर जांच कराए की गई है। इस मामले में जांच के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन होना चाहिए। वहीं ग्राम विकास अधिकारियों ने डीआईजी से मुलाकात कर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
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विकास भवन में सोमवार को ग्राम विकास अधिकारियों एवं पंचायत सचिव संगठन की संयुक्त रूप से बैठक हुई। इसमें बताया गया कि बिलारी खंड विकास कार्यालय पर तैनात ग्राम विकास अधिकारी राजीव कुमार के खिलाफ मृत्यु प्रमाण पत्र निर्गत करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। ग्राम विकास अधिकारी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप लगाया कि यह कार्रवाई एक पक्षीय है। इस मामले में उचित जांच नहीं की गई। यह कार्रवाई अन्यायपूर्ण है। इससे ग्राम विकास अधिकारियों के मनोबल को भी ठेस पहुंची है।संगठन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती है और पीड़ित अधिकारी को न्याय नहीं मिलता है, तब तक ग्राम विकास अधिकारी विरोध जारी रहेंगे। वक्ताओं ने कहा कि अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-रात मेहनत कर जनसेवा करते हैं। यदि उन्हें बिना दोष साबित हुए इस तरह से प्रताड़ित किया जाएगा तो उनका मनोबल टूटेगा। इस व्यवस्था से ग्रामीण विकास कार्य भी प्रभावित होंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि यदि शीघ्र ही निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन करेगा। इसमें काला फीता बांधकर कार्य करना, धरना प्रदर्शन और आवश्यकता पड़ने पर कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाए जाएंगे। ग्राम विकास अधिकारी सिर्फ कागजी कामकाज करने वाले कर्मचारी नहीं हैं, बल्कि गांवों के उत्थान और सामाजिक बदलाव के वाहक हैं। उनका अपमान दरअसल पूरे ग्रामीण समाज का अपमान है। न्याय की लड़ाई सिर्फ किसी एक व्यक्ति के लिए नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था की मजबूती के लिए है। यदि सिस्टम में ईमानदारी और पारदर्शिता बनी रहेगी, तभी आमजन का विश्वास भी मजबूत होगा। इसीलिए यह संघर्ष व्यक्तिगत नहीं, बल्कि समाजहित का संघर्ष है। संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम विकास अधिकारियों के कार्यों से संबंधित शिकायतों की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन होना चाहिए, ताकि बिना किसी दबाव और बिना पक्षपात के सच्चाई सामने आ सके। बैठक में बड़ी संख्या में ग्राम विकास अधिकारी, पंचायत सचिव और अन्य संबंधित कर्मी मौजूद रहे। सभी ने संकल्प लिया कि जब तक अन्याय के खिलाफ लड़ाई में जीत नहीं मिलती है, तब तक संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
गिरफ्तारी से पहले विभाग प्रमुख से अनुमति नहीं लेने का आरोप
ग्राम पंचायत अधिकारियों का आरोप है कि गिरफ्तारी के पहले विभाग प्रमुख से अनुमति नहीं ली गई। पुलिस ने हस्ताक्षर करने के बहाने थाने में बुलाकर रातभर परेशान किया। बैठक में उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ के अध्यक्ष महेंंद्र सिंह, सचिव आमोद चौहान, ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद सहगल, प्रदीप राठी, फिरोज आलम, मनोज सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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