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Moradabad News: गूगल मैप खुद लोगों के भरोसे...आंख मूंदकर नहीं करें भरोसा

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मुरादाबाद।
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गूगल मैप के सहारे गुरुग्राम से दोस्त की शादी में बरेली के फरीदपुर जा रहे कार सवार तीन युवकों की अधूरे पुल से गिरने के कारण मौत हो गई। वहीं, दिल्ली से गूगल मैप देखते हुए मेरठ के एक गांव के लिए चले बराती हापुड़ के सिंभावली पहुंच गए।
इन घटनाओं ने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया कि गूगल मैप पर आंख मूंदकर भरोसा करना कितना खतरनाक हो सकता है। अमर उजाला ने मुरादाबाद में इसकी पड़ताल की तो ऐसे मार्ग का पता चला, जिन्हें गूगल सुगम मार्ग बता रहा है, जबकि वह रास्ता पूरी तरह से खुदा पड़ा है या रास्ता ही बंद है। ऐसे कुछ मार्गों की पड़ताल संबंधी रिपोर्ट...
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केस एक
रास्ता बंद, लेकिन गूगल मैप पर नहीं अपडेट
रामगंगा विहार पुलिस चौकी से वेव मॉल की ओर जाने वाली सड़क पिछले सात महीने से पूरी तरह से बंद पड़ी हुई है। यहां मार्ग पर कई जगहों पर खोदाई की गई है और पूरे रास्ते पर लोगों ने अपनी गाड़ियां पार्क कर रखी हैं और दुकानें लगा रखी हैं। लेकिन गूगल मैप पर रास्ता पूरी तरह से सुगम बता रहा है। इसलिए मैप पर भरोसा करने के बजाय सोच समझकर चलना चाहिए।

केस दो
यातायात पुलिस ने बंद किया रास्ता, मैप में नहीं कोई हिंट
कांठ रोड पर स्थित पैंटालूंस शोरूम से एक सर्विस लेन रामगंगा विहार की ओर जाती है। इस रास्ते को यातायात पुलिस ने जाम की समस्या के कारण पिछले दस दिनों से बंद कर रखा है। यहां से सिर्फ दोपहिया वाहन के आने-जाने का ही रास्ता मौजूद है। लेकिन गूगल मैप इस रास्ते को चार पहिया वाहन के लिए भी सही बता रहा है।

- गूगल मैप रास्ता बताने के साथ कई बार भटका भी देता है। कारण है इसका रियल टाइम अपडेशन न होना। रियल टाइम अपडेशन के लिए गूगल मैप खुद यूजर्स के भरोसे है। एक्सपर्ट का कहना है कि बरेली हादसे में भी गूगल मैप पूरी तरह से जिम्मेदार नहीं है। वहां, अवरोधक लगाए जाने चाहिए थे। सफर करते समय पूरी तरह से गूगल मैप के भरोसे ही नहीं रहना चाहिए।

कैसे काम करता हैं गूगल मैप का ट्रैफिक
जानकारों के अनुसार, गूगल मैप कई डेटा स्रोतों पर निर्भर होता है। इसमें उपयोग होने वाली सैटेलाइट इमेज से सटीक नक्शा तैयार होता है। मैप में शामिल लाइव डेटा मोबाइल पर शो करता है। गूगल यूजर्स की ओर से मिली जानकारी के बाद खुद को अपडेट करता है। मसलन यूजर्स ही नई जगहों को जोड़ने, निर्माण या रुकावट की जानकारी देते हैं। गूगल इसी से अपडेट होता है।

इसलिए होती है परेशानी

अगर किसी सड़क में नया निर्माण या कोई बदलाव हुआ हो और उसका डेटा गूगल पर अपडेट नहीं हो पाता है। मैप पुराने नक्शे के आधार पर ही यूजर्स को गलत रास्ते पर लेकर जाता है। वहीं, कई बार भ्रम की स्थिति भी होती है। मान लें कि फ्लाइओवर की सैटेलाइट से इमेज ली गई, जिसके दो रास्ते हैं, एक बंद है और एक खुला। ऐसे में गूगल फ्लाईओवर से रास्ता दिखाएगा। यूजर को रास्ते का चयन खुद से करना होगा।

गलत सेलेक्शन भी बनती है वजह
कई बार यूजर्स की गलती की वजह से ही रास्ते ढूंढने में परेशानी होती है। गूगल मैप लोकेशन सेट करने से पहले यूजर्स के बाद साधन का विकल्प आता है। दो पहिया वाहन सवार अगर कार के रास्ते के विकल्प को सेलेक्ट करें तो उन्हें गलत दिशा में जाने की संभावना ज्यादा रहती है। क्योंकि, गूगल बाइक के विकल्प को चुनने वाले यूजर्स को उसी रास्ते का मैप दिखाता है। कई बार गली के रास्ते भी दिखते हैं, जिसमें चार पहिया वाहन सवाल अकसर फंस जाते हैं।
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बरतें यह सावधानियां
मैप में नेविगेशन का विकल्प हमेशा सही चुनें। मसलन अगर आप दो पहिया वाहन से हैं तो विकल्प भी बाइक का चुनें। बस और कार के लिए अलग विकल्प को चुनना होगा। इससे गूगल मैप संभवत: सही रास्ता ही दिखाएगा और गलत दिशा में जाने की संभावना कम होगी। एहतियात के तौर पर अनजान जगहों पर स्थानीय लोगों से मार्गदर्शन लेना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। कई बार नेट कमजोर होने से भी गूगल गलत रास्ते बताने लगता है।

- गूगल मैप को हमेशा अपडेट करते रहें
- सेटेलाइट व्यू की जगह स्ट्रीट व्यू का इस्तेमाल करेें
- स्थानीय लोगों से भी जानकारी पुख्ता करें
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