करीब 12 दिन पहले एटीएस की टीम में शामिल छह लोग उनके घर पहुंचे और खुद को एटीएस के अधिकारी बताते हुए गेट बंद कर लिया। करीब दो घंटे पूछताछ करने के बाद असगर खान, अनस और अजमल को अपने साथ ले गए थे। तीनों पिता-पुत्रों से मुरादाबाद में किसी स्थान पर पूछताछ की गई और शाम को उन्हें घर भेज दिया था।
एटीएस की पूछताछ का यह सिलसिला तीन दिन तक चलता रहा। आठ दिन पहले टीम अजमल और उसके पिता को अपने साथ लखनऊ ले गई थी। वहां भी दोनों से चार दिन तक रोजाना पूछताछ की गई। एटीएस की पूछताछ के चलते पिता-पुत्र एक होटल में रुकते थे। इसके बाद एक अगस्त को एटीएस ने अजमल को गिरफ्तार कर लिया और न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
अजमल अली की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय पुलिस और प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिले की खुफिया एजेंसी ने भी अजमल अली के गांव पहुंचकर बारीकी से पूरी जानकारी जुटाई है। सीओ अवधभान भदौरिया ने अजमल की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि नौगांवा सादात थाने में अजमल या उनके परिवार के किसी सदस्य का आपराधिक रिकार्ड नहीं है।
अजमल की गिरफ्तारी के बाद ग्रामीणों में दबी जुबान में उसके व्यवहार को लेकर चर्चा रही। परिजनों ने घर का गेट बंद रखा और उन्होंने किसी से बात नहीं की है।
अजमल अली पर ये है आरोप
यूपी एटीएस के द्वारा जारी की गई जानकारी के मुताबिक अजमल अली रिवाइविंग इस्लाम ग्रुप में जुड़ा हुआ था। इस ग्रुप में तीन एडमिन समेत 400 पाकिस्तानी सदस्य हैं। अजमल अली विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्र विरोधी व गैर मुस्लिम धर्म के व्यक्तियों के प्रति कट्टरपंथी विचारधारा को प्रसारित-प्रचारित कर रहा था।
इतना ही नहीं रिवाइविंग इस्लाम ग्रुप के अलावा वह अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी कई पाकिस्तानी व्यक्तियों के संपर्क में था। अजमल अली महाराष्ट्र राज्य के जिला ठाणे के थाना बादलापुर पश्चिम के दरगाह बदलापुर गांव के रहने वाले डॉ. उसामा माज शेख को अपना सीनियर और गुरु मानता था।
अजमल अली की डॉ. उसामा से उसकी इंस्टाग्राम व सिग्नल एप के माध्यम से भारत विरोधी बातें होती थी। भारत की चुनी हुई सरकार गिरकर शरिया लागू करने की बात की जाती थी। हिंसात्मक जिहाद के माध्यम से भारत में गजवा-ए-हिंद करके शरिया का कानून लागू करना चाहते थे। इस मामले में एटीएस ने अजमल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।
बाद में उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। इसके बाद एटीएस ने सोमवार को डॉ. उसामा माज शेख को भी गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपी नवयुवकों को गैर मुसलमानों के प्रति भड़काकर उनमें रोष पैदा करते थे, उन्हें भारत विरोधी और अपराधी गतिविधियों के लिए प्रेरित करते थे।