औद्योगिक क्षेत्र पुलिस चौकी के नाक के नीचे तीन साल से अवैध रूप से एनसीईआरटी की किताबें छापी जा रही थीं और गजरौला पुलिस को भनक तक नहीं लगी।
जब मेरठ से आई एसटीएफ की टीम ने यहां औद्योगिक क्षेत्र में प्लाट संख्या एच 6 में स्थित पुस्तकें छापने वाली फैक्टरी में दबिश देकर वहां से करोड़ों रुपये की छपी-अधछपी पुस्तकें बरामद कर लीं तो गजरौला पुलिस सकते में आ गई।
शुक्रवार की रात लगभग एक बजे मेरठ एसटीएफ ने थाना क्षेत्र की औद्योगिक चौकी के पास स्थित इस फैक्टरी में दबिश दी। फैक्टरी में अवैध रूप से छापी गई बड़ी संख्या में एनसीईआरटी की पुस्तकें मिलीं।
शुक्रवार को मेरठ में एसटीएफ ने 35 करोड़ रुपये की नकली पुस्तकें बरामद की थीं। वहां की फैक्टरी के मालिक बताए जा रहे सचिन गुप्ता ने गजरौला में भी प्रिंटिंग प्रेस (फैक्टरी) लगा रखी थी।
मेरठ पुलिस को जब पता चला कि पास में ही औद्योगिक पुलिस चौकी भी है तो वो भी स्तब्ध रह गई। दबी जुबान में कहा भी कि इतना बड़ा गोरखधंधा चल रहा था और गजरौला पुलिस को इसकी भनक भी नहीं लगी।
नौ साल पहले भी एनआरएचएम घोटाले के मामले में औद्योगिक क्षेत्र में मेडिकल उपकरण बनते मिले थे। तब सीबीआई ने छापा मारा था। उस दौरान भी स्थानीय पुलिस को भनक नहीं लगी थी। वहीं खुफिया तंत्र भी एनसीईआरटी की नकली पुस्तकें गजरौला में भी छपने के धंधे की जड़ों तक नहीं पहुंच सका था।