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240 लोगों के खून के नमूने बताएंगे मुरादाबाद में कितना फैला संक्रमण

Sun, 23 Aug 2020 02:36 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
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demo pic - फोटो : iStock
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मरीजों की बढ़ती संख्या के लिहाज से मुरादाबाद प्रदेश के प्रमुख शहरों में है। यहां संक्रमण की फैलाव की मौजूदा स्थिति के आकलन करने के लिए 25 अगस्त को सीरो सर्वेक्षण किया जाएगा। सर्वे के लिए स्वास्थ्य विभाग ने दस टीमें गठित की हैं। टीमें 240 लोगों के खून का नमूना लेंगी। ब्लड सीरम से एंटीबॉडी का पता चल पाएगा और संक्रमण के फैलाव की स्थिति का आकलन हो सकेगा।

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जिले में संक्रमण के साथ मृत्यु दर भी लगातार बढ़ रही है। इसकी रोकथाम के लिए शासन स्तर पर हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। शासन ने प्रदेश के 11 जिलों में सीरो सर्वे के लिए मुरादाबाद को भी शामिल किया है। सीएमओ डा. एमसी गर्ग के मुताबिक शासन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सर्वेक्षण और सैंपलिंग के लिए 10 टीमें गठित कर दी हैं।

सीएमओ ने बताया कि 25 अगस्त को टीमें खून के नमूने लेंगी। किन इलाकों से नमूने लिए जाएंगे, इसका निर्धारण भी शासन से किया जाएगा। जिले में संक्रमण के फैलाव वाले इलाके इसमें शामिल होंगे। इनमें नवाबपुरा, ठाकुरद्वारा, बिलारी, सिविल लाइन, कटघर और कांठ क्षेत्र शामिल होने की संभावना है। 23 अगस्त तक पोर्टल पर सर्वे वाले इलाकों की सूची जारी हो जाएगी। इससे पहले गठित टीमों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नमूने केजीएमयू भेजे जाएंगे। सीएमओ ने बताया कि इनकी जांच से एंटीबॉडी का पता चल सकेगा। इसके बाद ही संक्रमण की रोकथाम की नई कार्ययोजना तैयार हो सकेगी।
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एक टीम लेगी 24 सैंपल, आधे होंगे महिलाओं के
सीरो सर्वे के लिए दस टीमें बनी हैं। इनमें डाक्टर, लैब तकनीशियन, लैब सहायक, आशा और एएनएम शामिल हैं। हर टीम अपने क्षेत्र में चार क्लस्टर बनाकर छह-छह घरों का चयन करेगी। प्रत्येक घर से 18 साल की उम्र से 60 साल की उम्र के एक-एक सदस्य के खून का नमूना लिया जाएगा। इस तरह एक टीम अपने क्षेत्र से 24 सैंपल और 10 टीमें 240 सैंपल एकत्र करेंगी और इनमें आधे सैंपल महिलाओं के शामिल होंगे।
- सीरो सर्वे में टीमें बन गई हैं। किन इलाकों से सैंपल होंगे, पोर्टल पर शासन से सूची जारी होगी। ब्लड से सीरम की जांच होगी। सैंपल में एंडीबॉडी मिलती है तो मान लिया जाएगा कि उसे कोरोना होकर स्वत ठीक हो गया। इसी आधार पर अलग-अलग इलाकों में संक्रमण की स्थिति का सही आंकलन हो सकेगा। संक्रमण की रोकथाम के प्रभावी कदम उठाए जा सकेंगे।
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- डा. एमसी गर्ग, सीएमओ।

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