अजुध्या शुगर मिल ने किसानों के साथ बड़ा धोखा किया है। बकाया पेमेंट के लिए किसानों को चेक तो जारी कर दिए मगर खाते में एक धेला नहीं था। इनमें पंजाब नेशनल बैंक के 12 चेक थे जबकि स्टेट बैंक के 7 चेक। गन्ना समिति संचालक बोर्ड के सदस्यों ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर दे दी है। चीनी मिलों ने किसानों का करोड़ों रुपया दबा रखा है।
स्थिति यह कि किसान अपने पैसे के लिए भी भटक रहे हैं। शासन द्वारा भी लगातार सख्ती की जा रही है। किसान संगठन भी शुगर लॉबी पर लगातार दबाव बना रहे हैं। बढ़ते दबाव को देखकर चीनी मिलें पेमेंट का भरोसा तो दे रहीं हैं मगर पेमेंट किया नहीं जा रहा है। इस तरह का ही मामला बिलारी चीनी मिल का सामने आया है।
बिलारी चीनी मिल ने तीन करोड़ 67 लाख 71 हजार के 19 चेक गन्ना पेमेंट के लिए किसानों को दिए थे। बिलारी गन्ना समिति के चेयरमैन अरविंद मोहन ने बताया कि जारी चेक के बारे में जब पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक में जानकारी की गई तो पता चला कि जिन खातों के चेक जारी किए गए हैं उनमें पैसा ही नहीं है।
समिति के चेयरमैन अरविंद मोहन, सचिव घनश्याम और निदेशक मोहम्मद उस्मान के सभी लोग कोतवाली में आयोजित समाधान दिवस में पहुंचे और एसडीएम के समक्ष पूरा मामला रखा। गन्ना समिति के सचिव ने शुगर मिल प्रबंधन के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने को तहरीर दे दी है।