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पुलिस में फर्जीवाड़ा : जीजा-साले के खेल में फंसी कई पुलिसकर्मियों की गर्दन

Mon, 21 Jun 2021 02:34 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद

सार

  • जांच आगे बढ़ेगी तो सामने आएंगे चौंकाने वाले तथ्य 
  • एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि विभागीय जांच कराई जाएगी और इसके लिए अलग से जांच अधिकारी नियुक्त करेंगे
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गिरफ्त में आरोपी... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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साले-बहनोई के खेल में कई और पुलिस कर्मियों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। एसएसपी ने साफ कर दिया है कि इस पूरे प्रकरण की जांच की जाएगी। जांच में जिसकी भी लापरवाही या भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

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खतौली-मुजफ्फरनगर निवासी सुनील अपने बहनोई अनिल की जगह पांच साल से नौकरी कर रहा था, लेकिन वह कभी भी वह पकड़ में नहीं आया। शिकायत मिलने पर ही इस राज से पर्दा उठ पाया है। एसएसपी पवन कुमार ने बताया कि विभागीय जांच कराई जाएगी। इसके लिए अलग से जांच अधिकारी नियुक्त करेंगे। जांच के दौरान जिस पुलिसकर्मी की भूमिका व लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। 

सीओ ठाकुरद्वारा डॉ. अनूप सिंह ने बताया कि अनिल कुमार ने पूछताछ में बताया कि शिक्षा विभाग में उसका शिक्षक के पद पर चयन हो गया था। उसने बताया कि सीतापुर में काउंसलिंग में चयन हुआ था। इस मामले की जांच करने के लिए सीतापुर टीम भेजी गई है। वहां अनिल ने अपने दस्तावेज दाखिल किए थे या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। 
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...तो सुनील को मिलते 20 हजार प्रति माह:
 पुलिस पूछताछ में सिपाही अनिल ने बताया कि अभी वह अपने वेतन से साले को आठ हजार रुपये देता था। शिक्षा विभाग में नौकरी करने पर वह सुनील को बीस हजार रुपये देना शुरू कर देता।


साले से नौकरी करवाने वाले सिपाही के दस्तावेजों की जांच शुरू
साले को वर्दी पहनाकर पांच साल ड्यूटी करवाने के आरोपी सिपाही अनिल कुमार के शैक्षिक प्रमाणपत्रों की जांच शुरू हो गई है। इसके लिए मुरादाबाद पुलिस की टीम मुजफ्फरनगर जिले के खतौली क्षेत्र में सक्रिय है। सिपाही वहीं का मूल निवासी है और वहीं शिक्षा ली थी।

पुलिस को संदेह है कि कहीं नौकरी के नाम पर किए गए फर्जीवाड़े की तरह अनिल ने शैक्षिक प्रमाणपत्रों में भी तो कोई फर्जीवाड़ा नहीं कर रखा है। मुरादाबाद से खतौली गई टीम को जांच-पड़ताल के नजरिए से रविवार को ज्यादा सफलता हासिल नहीं हुई। शिक्षण संस्थाओं में अवकाश की वजह से शैक्षिक रिकॉर्ड की तस्दीक नहीं हो सकी।

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