मुरादाबाद। चार महीना बीतने के बाद भी दिल्ली फेयर में जाने वाले मुरादाबाद के करीब 1200 निर्यातकों को सब्सिडी नहीं मिल सकी है, जो करीब आठ करोड़ रुपये है। मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन (एमएचईए) ने इस पर नाराजगी जताते हुए निर्यातक हित में सब्सिडी को तत्काल जारी करने की मांग की है।
फरवरी में दिल्ली फेयर लगा था जिसमें मुरादाबाद से छोटे व मझोले निर्यातकों सहित करीब 1200 निर्यातकों ने सहभागिता की। इसमें शामिल होने पर निर्यातकों को स्टॉल चार्ज और आने जाने के व्यय के रूप में अनुदान दिया जाता है। मुरादाबाद के निर्यातकों का यह अनुदान करीब आठ रुपये बनता है, जो अभी तक नहीं मिला है।
मुरादाबाद हैंडीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवेद उर रहमान ने बताया कि दिल्ली फेयर की सब्सिडी हमारे निर्यातकों के लिए अत्यंत आवश्यक वित्तीय सहायता है। इसके लिए कई बार संबंधित विभागों को लिखा गया है लेकिन अब तक कोई भुगतान नहीं हुआ है। इस गंभीर समस्या का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए।
उन्होंने बताया कि सब्सिडी में हो रही देरी से छोटे एवं मध्यम निर्यातकों पर विशेष रूप से नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है, क्योंकि कई निर्यातक अपने उत्पादन चक्र और ऑर्डर प्लानिंग इसी सहायता के आधार पर करते हैं। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ी तो यह मुद्दा उच्च स्तर पर भी उठाया जाएगा।
भेजा गया है प्रस्ताव
जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त (उद्योग) देवेंद्र कुमार ने बताया कि फरवरी में दिल्ली फेयर लगा था, जिसमें निर्यातकों को स्टॉल लगाने का और फेयर में आने जाने का खर्च अनुदान के रूप में दिया जाता है। मुरादाबाद से करीब 1200 निर्यातक गए थे, जिनके भुगतान के लिए लगभग आठ करोड़ रुपये मांग प्रस्ताव भेजा गया है। बजट आने वाला है, आते ही भुगतान कर दिया जाएगा।