फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: लॉक नहीं थी कार, चार मासूम चढ़े, तीन की दम घुटने से मौत एक अस्पताल में जिंदगी के लिए कर रहा जद्दोजहद

Tue, 16 Jun 2020 02:04 AM IST
अवधेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Social Media
विज्ञापन
नासिर ने रविवार रात को यहां कार लाकर खड़ी की थी पर वह उसे लॉक करना भूल गया। सुबह खेलते हुए बच्चों ने दरवाजा खोला तो वह तपाक से खुल गया। चारों बच्चे झपटकर उसमें सवार हो गए पर उससे निकल नहीं पाए। परिणाम भयावह रहा। नासिर के मासूम बेटे तथा उसके एक भांजे की कार में मौके पर ही दम घुटने से मौत हो गई जबकि दूसरे भांजे ने देर रात अस्पताल में दम तोड़ दिया। चौथा बच्चा अस्पताल में जिंदगी के लिए जद्दोजहद कर रहा है।
विज्ञापन

नासिर ने बताया कि अभी 15 दिन पहले उसने यह पुरानी कार खरीदी थी। कार खराब हो गई थी। उसने दलपतपुर में वर्कशॉप में ठीक कराई। पिछली रात को ही वह कार की मरम्मत कराकर लाया था। उसमें अभी और काम होना बाकी था। उसके अगले दरवाजे तो भीतर से भी खुल जाते थे पर पिछले दरवाजे भीतर से नहीं खुलते थे। चूंकि नासिर के घर में गेट छोटा होने के कारण कार नहीं घुस पाती थी तो उसने पड़ोसी उस्मान के घर में इसे खड़ी कर दी थी। चूक यह हो गई कि उसने कार को लॉक नहीं किया। कार में सेंट्रल लॉक नहीं था।
विज्ञापन

सोमवार सुबह चारों बच्चे खेलते हुए कार के पास पहुंचे। चूंकि कार लॉक तो थी नहीं। ऐसे में उन्होंने उसका दरवाजा खोला। जैसे ही वह खुला तो खेलने के लिए मचलते बच्चे तत्काल उसमें घुस गए। दरवाजे बंद करने के बाद बच्चे बाहर निकलने के लिए उन्हें खोल नहीं पाए। बच्चे इस तरह घबरा गए कि उन्होंने अगले दरवाजे ट्राई ही नहीं किए और शायद पिछलों पर ही जूझते रहे। वे तो भीतर से खुलते ही नहीं थे। नहीं खुले और दो घंटे तक बच्चे इसी में कैद होकर रह गए। जब निगाह पड़ी तो देर हो चुकी थी। नासिर के बेटे अलकाब और भांजे अक्स रजा की मौत हो चुकी थी। दूसरे भांजे अलफैज तथा चचेरे भाई आफताब की स्थिति गंभीर थी। जिन्हें रामपुर दोराहा स्थित फोटोन अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात स्थिति नाजुक होने पर हायर सेंटर ले जाते समय अलफैज ने दम तोड़ दिया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें