पूर्व मंत्री आजम खां ने संसद में कानून बनाकर राम मंदिर मामले का हल निकालने के सवाल पर कहा है कि जब तक यह मामला अदालत में है, कोई कानून नहीं बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह मामला ना तो मंदिर का है और ना ही रामचंद्र जी का। यह मामला चुनाव का है।
राम मंदिर निर्माण को लेकर विश्व हिंदू परिषद की अयोध्या में धर्मसभा के कार्यक्रम और लाखों राम भक्तों के जुटने के सवाल पर आजम खां ने कहा कि बस मुसलमानों के खून से न बनाएं, बाकी जैसा चाहें करें।
हम तो कानून को मानेंगे, सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानेंगे। हमने पहले भी उन्हें कभी नहीं रोका। दिल्ली में साधु-संतों के साथ कई लाख लोग जमा होने पर आजम खां ने कहा कि पिछले दिनों एक बात आई थी कि अब संघर्ष नहीं संग्राम होगा।
तब भी हमने कहा था कि मुसलमानों का नाम हटा दिया जाए इस संग्राम से। मुसलमान 6 दिसंबर के संग्राम में भी शामिल नहीं थे । कानून की बात आपने नहीं मानी । कौन अदालत, कौन कानून आपको रोक सकता है।