मुरादाबाद। निर्यातक किशनलाल ढल और उनके बेटे से रंगदारी मांगने के आरोप में पुलिस ने उनके पूर्व चालक और बॉडीगार्ड को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने निर्यातक और उनके परिवार को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर पांच लाख रुपये वसूल लिए थे। 50 लाख रुपये और मांग रहे थे। रकम न देने पर वीडियो और फोटो एडिट कर बदनाम करने और परिवार की हत्या की धमकियां दे रहे थे। सोमवार शाम पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया है।
सिविल लाइंस के कांठ रोड प्रेमनगर स्थित वजीर चंद्र निर्यात फर्म के मालिक अरशु ढल ने सिविल लाइंस थाने में 24 दिसंबर को कटघर के नंद कॉलोनी निवासी शिव कुमार, मझोला के आजाद नगर निवासी पवन शर्मा और अनुज नाम के व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया कि आरोपी शिव कुमार उनके पिता किशनलाल ढल के चालक और पवन कुमार शर्मा बॉडीगार्ड रह चुके हैं। उनके पिता की उम्र 90 साल है। शिव कुमार, पवन कुमार के अलावा कुछ महिलाएं भी कंपनी की देखभाल के लिए लगी थीं। अरशु ढल का आरोप है कि शिव कुमार और पवन को चोरी के मामले में कंपनी में पकड़ा गया था। जिन्होंने माफी मांगी और बाद में दोनों को कंपनी से निकाल दिया गया था। अरशु ढल का आरोप है कि 20 सितंबर 2024 को अनुज नाम का व्यक्ति उनके पास पहुंचा। उसने धमकी दी कि वह शिव कुमार, पवन कुमार और कुछ महिलाओं के साथ मिलकर गैंग चलाता है। अगर हमें 50 लाख रुपये नहीं दिए देंगे तो पिता-पुत्र को झूठे केस में फंसा देंगे। हमारे पास वीडियो और फोटो एडिट करने वाले एक्सपर्ट लोग भी हैं। अनुज 28 सितंबर 2024 को दोबारा फर्म में पहुंचा और डरा धमकाकर पांच लाख रुपये वसूल कर लिए थे। इसके बाद फिर से 50 लाख रुपये की मांग करने लगे। रकम न देने पर पूरे परिवार की हत्या करने की धमकी मिल रही थीं। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने बताया कि इस मामले में शिव कुमार और पवन कुमार को गिरफ्तार किया गया है।
पवन कुमार शर्मा मूल रूप से बरेली जनपद के आंवला थाना क्षेत्र के रसूला गांव निवासी है और वह मझोला थाना क्षेत्र के आजाद नगर में रहता है। सोमवार शाम दोनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
आरोपियों से दो पिस्टल बरामद
एसपी सिटी ने बताया कि आरोपियों के पास से 32 बोर की दो पिस्टल, दस कारतूस और मोबाइल के अलावा 94 हजार रुपये और अन्य सामान बरामद किया गया है। तीसरे आरोपी अनुज की तलाश की जा रही है।
पहले भी दर्ज किया गया था केस
सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराए केस में अरशु ढल ने बताया कि अनुज नाम के व्यक्ति ने उनकी फर्म में आकर धमकी दी कि अगर उन्हें रकम नहीं मिली तो पहले ही तरह केस दर्ज करा देंगे। निर्यातक के खिलाफ पहले भी एक दुष्कर्म का केस दर्ज किया गया था। हालांकि जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में एफआर लगा दी थी।