मुरादाबाद। मोरा की मिलक में बंदरों के बीच लोग दहशत से घरों में कैद हैं। लगातार हमलों के बाद भी शनिवार तक वन विभाग की टीम इलाके में नहीं पहुंची। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई है। बंदरों के डर से कई परिवारों ने बच्चों को अकेले घर से बाहर भेजना बंद कर दिया, जबकि महिलाएं और बुजुर्ग छत पर जाने से भी बचते रहे। कुछ लोग लाठी लेकर और समूह बनाकर छत पर पहुंचे, जिससे बंदर हमला न करें।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले दो दिनों में आठ लोगों पर बंदरों के हमले हो चुके हैं, लेकिन विभाग जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं हैं। मोहल्ले में बंदरों के झुंड दिनभर गलियों, मकानों की छतों और पेड़ों पर डेरा डाले रहे। लोगों को घरों के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखनी पड़ीं। छतों पर कपड़े सुखाना और रोजमर्रा के काम करना भी मुश्किल हो गया। निवासियों का आरोप है कि नगर निगम और वन विभाग के बीच जिम्मेदारी तय नहीं होने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। शिकायतों के बावजूद बंदरों को पकड़ने के लिए कोई अभियान शुरू नहीं किया गया। इससे हर समय किसी नए हमले का डर बना हुआ है।
मोहल्ले के लोगों ने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कोई बड़ी घटना हो सकती है। लोगों ने वन विभाग से तत्काल टीम भेजकर बंदरों को पकड़ने और इलाके को सुरक्षित बनाने की मांग की है। डीएफओ डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि जहां से सूचना मिलती है वहां टीम भेजी जाती है। मोरा की मिलक में भी टीम भेजेंगे।
कब्र बिज्जू की खबर में वर्जन
डीएफओ डॉ. विनय कुमार सिंह का कहना है कि वन विभाग ने सोसायटी में पिंजरा लगाया है। उम्मीद है कि जल्द ही वन्य जीव को रेस्क्यू कर लिया जाएगा, जिससे लोग सुरक्षित रह सकें।