मुरादाबाद। मूंढापांडे के भदासना गांव में करीब 35 करोड़ खर्च कर बनाए गए मुरादाबाद एयरपोर्ट पर नवंबर 2024 से उड़ानें थमने के बाद अब नया संकट सामने आ गया है। एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के अधिकारियों के मुताबिक प्रदेश में फ्लाई बिग समेत जिन दो कंपनियों के पास छोटे उन्नीस सीटर विमानों के संचालन की सुविधा थी, उनकी सेवाएं बंद हो चुकी हैं।
इससे मुरादाबाद जैसे छोटे एयरपोर्ट लगभग निष्क्रिय हो गए हैं। अब प्रदेश में किसी दूसरी कंपनी के आने के बाद ही इन एयरपोर्ट से उड़ान हो सकेगी। मुरादाबाद एयरपोर्ट से पहली उड़ान 10 अगस्त 2024 को लखनऊ के लिए शुरू हुई थी। इस एयरपोर्ट से केवल चालीस दिन की ही उड़ान रही। नवंबर 2024 में मुरादाबाद एयरपोर्ट से उड़ान सेवा बंद कर दी गई थी। उस समय तर्क दिया गया था कि कम दृश्यता में यहां विमान उतारना संभव नहीं है। रनवे पर अत्याधुनिक कैट लाइटिंग और कोहरे में दृश्यता देने वाली प्रणाली लगने तक ठंड के मौसम में उड़ान संचालन सुरक्षित नहीं होगा। उस समय मार्च 2025 तक सेवा रोकने की बात कही गई थी, लेकिन डेढ़ साल बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
तब से यहां सिर्फ वीआईपी और सरकारी विमान ही उतर रहे हैं। आम यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पूरी तरह बेकार साबित हो रहा है। लोगों को उम्मीद थी कि आने वाले दिनों में यहां से हवाई सफर शुरू होगा लेकिन अब नया संकट पैदा हो गया है। दरअसल मुरादाबाद एयरपोर्ट के रनवे से फिलहाल सिर्फ 19 सीटर विमानों को उड़ान भरने की अनुमति है। प्रदेश में 19 सीटर विमानों के संचालन वाली दो ही कंपनियां थीं। दोनों की सेवाएं अब बंद हो चुकी हैं। फिलहाल मुरादाबाद से हवाई सफर पर संकट के बादल गहरा गए हैं।
पायलटों की ट्रेनिंग के काम आ सकता है मुरादाबाद एयरपोर्ट
एएआई के अधिकारियों का कहना है कि अब मुरादाबाद एयरपोर्ट पायलटों के प्रशिक्षण के काम आ सकता है। यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू करने के लिए डीजीसीए से अनुमोदित संस्थानों के साथ मंथन चल रहा है। संभव है कि अगले साल से यहां फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट शुरू हो जाए। अधिकारियों ने बताया कि भारत में डीजीसीए द्वारा अनुमोदित 30 से अधिक उड़ान प्रशिक्षण संगठन हैं जो कमर्शियल पायलट लाइसेंस पाठ्यक्रम प्रदान करते हैं । प्रमुख संस्थानों में उत्तर प्रदेश में सरकारी स्वामित्व वाली इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, मध्य प्रदेश में चाइम्स एविएशन अकादमी और कर्नाटक में ओरिएंट फ्लाइट्स एविएशन अकादमी शामिल हैं।
400 एकड़ जमीन पर विस्तार की तैयारी
जिला प्रशासन ने एयरपोर्ट विस्तार के लिए 400 एकड़ अतिरिक्त जमीन का प्रस्ताव शासन को भेजा है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार कई किसानों ने जमीन देने पर सहमति भी जता दी है। रनवे विस्तार के बाद यहां बड़े विमानों के संचालन की योजना बनाई जा रही है। भविष्य में स्काईहॉप जैसी कंपनियों के जरिये बड़े विमानों की सेवा शुरू करने का दावा किया जा रहा है। हालांकि जब तक रनवे का विस्तार नहीं होता, तब तक एयरपोर्ट को फ्लाइंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट के रूप में उपयोग करने की तैयारी की जा रही है।
मुरादाबाद एयरपोर्ट पर फ्लाई बिग कंपनी की सेवाएं बंद हो चुकी हैं। फिलहाल 19 सीटर विमान संचालन के लिए किसी अन्य कंपनी के आने की जानकारी नहीं है। भविष्य की योजनाओं पर काम चल रहा है, अभी ज्यादा कुछ कहना संभव नहीं है।
- आशीष पाल, एयरपोर्ट डायरेक्टर