मुरादाबाद। आगरा के रहने वाले दो व्यापारी भाइयों के साथ धोखाधड़ी और चोरी की वारदात को अंजाम देने के आरोपी को अदालत ने दोषी करार देेते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
आगरा के सीतानगर निवासी मनोज कुमार सारस्वत ने कोतवाली में 6 जुलाई 2017 को मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें उन्होंने बताया था कि वह और उनका भाई योगेश प्रेम इंडिया कंपनी के माध्यम से प्रोडक्ट बेचने का काम करते हैं। 20 जून 2017 को फोन के माध्यम से विवेक शर्मा उर्फ देवेंद्र उर्फ शमी निवासी विशनपुर थाना कांठ से मुलाकात हुई थी। जिसने व्यापार के लिए मुरादाबाद बुलाया था। 5 जुलाई 2017 को हम दोनों भाई अपनी कार से मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर आ गए। जहां से विवेक शर्मा हमें रेलवे-स्टेशन के सामने स्थित होटल में ले गया और एक कमरा बुक करा कर उसमें अपने किसी मित्र के साथ मीटिंग की। देर रात हो जाने के कारण हम दोनों भाइयों को कमरे में ही सोने की बात कही और विवेक भी हमारे साथ सोया था। सुबह विवेक चाय लेकर आया। जिसे पीने के बाद हम दोनों भाई बेहोश हो गए। दोपहर जब आंख खुली तो हमारा सारा सामान गायब जा, जहां कार पार्क की थी। वहां कार भी नहीं थी। इस मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद उपनिरीक्षक राधेश्याम शर्मा ने मुकदमे की विवेचना कर आरोप पत्र अदालत में पेश किया। इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संदीप कुमार सिंह की अदालत में की गई। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजीव कुमार कौशिक और सुरेश सिंह ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद आरोपी विवेक शर्मा को घटना का दोषी करार देते हुए उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर नौ हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।