पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि गिरोह के सदस्यों ने यह भी बताया कि कुछ समय पहले ही हरियाणा के गुरुग्राम सेक्टर 14, 37 व 38 के अलावा पालम विहार में लगे एनसीआर कंपनी के एक्सिस बैंक के लॉक को तोड़कर बड़ी चोरी की थी, जिससे मिली धनराशि को आपस में बांट लिया था।
आरोपियों से जो दो कारें बरामद हुई हैं उसी को घटना करने के दौरान प्रयोग लाते थे। लेकिन हर बार उनकी नंबर प्लेट बदल दिया करते थे। कोतवाली प्रभारी धर्मपाल ने बताया कि पांच आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। हरियाणा में भी एटीएम चोरी के इन पर चार मुकदमे दर्ज हैं।
एक विशेष तकनीक से तोड़े जाते थे एटीएम के लॉक
चंदौसी के कैनरा बैंक के एटीएम तोड़कर चोरी के मामले में पकड़े गए अंतर्राज्यीय गिरोह ने जो एटीएम का लॉक तोड़ने की जो तकनीक बताई, उससे तो पुलिस व बैंक अधिकारी भी हैरत में पड़ गए। गिरोह वारदात को अंजाम देने से करीब सप्ताहभर पहले संबंधित एटीएम में जाकर उसका इलेक्ट्रानिक लॉक खराब करता था। लेकिन जब मरम्मत होती थी तो मरम्मत के निशानों से उन्हें लॉक की सटीक जानकारी मिल जाती थी।
पुलिस अधीक्षक यमुना प्रसाद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वह अधिकांश रूप से एनसीआर कंपनी के एटीएम को निशाना बनाते हैं। आरोपियों के मुताबिक एनसीआर कंपनी के एटीएम में सुरक्षा बेहद कम होती है। तोड़ना भी आसान होता है। वारदात को अंजाम देने से पूर्व यह भी सुनिश्चित करते हैं कि एटीएम ऑन लाइन है या नहीं। सेंट्रल अलार्म है या नार्मल अलार्म, गेट में एटीएम से इंट्री है या नहीं, सीसीटीवी कैमरा सही है या खराब है, गेटमैन है या नहीं। यह सब देखने के बाद जिस एटीएम को चोरी के लिए चुनते थे, उसकी सप्ताहभर पहले रेकी करते थे।
इस दौरान वह एटीएम का इलेक्ट्रानिक लॉक खराब करके चले जाते थे। कंपनी उसे ठीक कराती थी। उसी लॉक को ठीक कराने में वहां पर ड्रिल करना पड़ता था। जिससे वहां पर एक निशान बन जाता था। जब वारदात को अंजाम देने जाते थे, उसी निशान पर फिर ड्रिल कर देते थे, जिससे लॉक आसानी से टूट जाता था। इसके बाद चोरी करके निकल जाते थे।
एटीएम तोड़कर बड़ी चोरी को अंजाम देने से पहले एटीएम के इलेक्ट्रानिक लॉक को खराब किया जाता था। एटीएम चोर गिरोह ने कुछ दिन पहले संभल व हयात नगर में भी दो एटीएम के लॉक खराब किए हैं। हालांकि चोरी को अंजाम देने से पहले ही पकड़े गए।
एटीएम से चोरों ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली
एटीएम चोरी करने से एक मुश्त लाखों की धनराशि बड़ी आसानी से हाथ आ जाती है। जिससे वह लग्जरी कारें, मकान, परिजनों के लिए जेवर खरीदते थे। इससे रंगीन जिंदगी व्यतीत करते थे। कोतवाली प्रभारी धर्मपाल सिंह ने बताया कि बिहार राज्य व बदायूं जिले के एटीएम चोरों ने एटीएम चोरी करके अच्छी खासी संपत्ति अर्जित कर ली है।
पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सरगना संजीव कुमार गुप्ता ने दिल्ली में इलेक्ट्रानिक्स का एक बड़ा शोरूम खोल लिया है। एक सफारी कार खरीदी है। दिल्ली में एक प्लाट भी खरीद लिया है। इसी तरह गिरोह के सभी सदस्यों ने प्लाट खरीदें हैं। दो मकान भी खरीद लिए हैं। कुछ रुपये बैंक खातों में भी जमा कर लिए हैं। महंगी कारें और बाइक खरीदी हैं। कुल मिलाकर उनके पास संसाधनों की कोई कमी नहीं है।
गिरोह ने हरियाणा पुलिस की नींद उड़ा दी थी
बिहार राज्य के संजीव गुप्ता गिरोह ने यूपी से अधिक हरियाणा राज्य की पुलिस की नींद उड़ा दी थी। वहां लगातार कई एटीएम चोरी करके करीब 75 लाख रुपये से अधिक की धनराशि चोरी कर चुके हैं। जब पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए तो हरियाणा की गुरुग्राम पुलिस को सूचित किया गया। जिससे पुलिस यहां पहुंच गई है। आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है।