12 साल पहले करनवीर सिंह के बड़े बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जिसके बाद से दंपती तनाव में थे। उनके सुसाइड नोट में लिख है कि ‘श्रीमान जी, नमस्कार। मैं अपने होशो हवास में बहुत सोच समझकर यह कदम उठा रहा हूं। इसमें परिवार वाले, यार, दोस्त, रिश्तेदार शामिल नहीं हैं। किसी की कोई गलती नहीं है। किसी को परेशान न किया जाए।
परिवार वाले, यार, दोस्त, रिश्तेदार सब समझते हैं कि मैंने ये कदम क्यों उठाया है। मेरी पत्नी की मौत का मैं स्वयं जिम्मेदार हूं और कोई नहीं।’ नीरज ने बताया कि बडे़ भाई नवनीत की 12 साल पहले सड़क हादसे में इंपीरियल तिराहे पर मौत हो गई थी। उस वक्त वह हिंदू कालेज में बीए छात्र था।
बाइक पर सवार होकर जा रहे नवनीत की ट्रैक्टर ट्राली की चपेट में आकर मौत हो गई थी। नवनीत की मौत के बाद माता, पिता गमजदा थे। मां का उपचार भी चल रहा था। करनवीर के रिश्तेदार सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी बलवीर सिंह ने बताया कि बेटे की मौत के गम में ही करनवीर ने ये कदम उठाया है, क्योंकि बेटे की मौत के बाद से वह काफी परेशान रहने लगे थे।
वहीं मामले को लेकर एसपी सिटी अंकित मित्तल ने कहा कि रात तीन बजे सूचना मिली कि सेवानिवृत्त दरोगा ने पत्नी को गोली मारकर आत्महत्या कर ली है। पूछताछ के दौरान दंपती के परिवार वालों का कहना है कि बेटे की मौत के गम में करनवीर ने ये कदम उठाया है। इस संबंध में मृतक दरोगा के खिलाफ उसके बेटे की तहरीर के आधार पर हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के लिए बंदूक, सुसाइड नोट को कब्जे में लिया गया है, जिसे फोरेंसिक लैब भेजा जाएगा’